भारत बद कांग्रेस ने सफल तो बीजेपी ने असफल बताया

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नई दिल्ली =पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के भारत बंद को कांग्रेस ने पूरी तरह सफल बताया है वंही बीजेपी ने असफल बताया है। बीजेपी ने कहा कि बंद के दौरान हिंसा कांग्रेस और विपक्षी दलों की असफलता है। बीजेपी ने हिंसा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि देश की राजनीति हिंसा के जरिए होगी?। बीजेपी ने साथ ही तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर भी सफाई दी। पार्टी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कारणों के चलते तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं है। बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल के बोलने से देश को बड़ी चिंता होती है। इस बीच पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तेल की बढ़ती कीमतों पर आज बीजेपी चीफ अमित शाह से मुलाकात की।
उल्लेखनीय है की पेट्रोल डीजल की लगातार बढाती कीमतों को लेकर कांग्रेस समेत्य अनेक दूसरे दलों ने १० सितम्बर को भारत बंद बुलाया था बताया जाता है की भारत बंद को काफी हद तकसफलता मिली है और कुछः जगहों पर हिंसा की वारदाते भी दर्ज की गयी है कांग्रेस का कहना है की जनता का ये बंद बीजेपी सरकार के खिलाफ एक आगाज है इसका अंत उन्हें सत्ता से हटाने पर ही होगा दूसरी तरफ बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा कि बंद के दौरान बिहार के जहानाबाद में कांग्रेस और विपक्षी दलों ने ऐम्बुलेंस नहीं आने दिया, जिसके कारण एक दो साल की बच्ची की जान चली गई। इस मौत का जिम्मेदार कौन है? राहुल गांधी और कांग्रेस को इसपर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हिंसा का तांडव और मौत का खेल बंद होना चाहिए। जनता को कुछ परेशानी है पर जनता बंद के साथ नहीं खड़ी है। हम जनता की परेशानी का समाधान निकालने की कोशिश कर रहरे हैं।’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष खीझकर खौफ का माहौल पैदा कर रही है। जब जनता का समर्थन नहीं मिलता है तो उग्र प्रदर्शन कर बंद कराने की कोशिश की जा रही है। रविशंकर प्रसाद ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को जीएसटी और नोटबंदी पर संसद में बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ‘मैं एक आम कार्यकर्ता हूं और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को जीएसटी और नोटबंदी पर बहस की चुनौती देता हूं। वह बड़े अर्थशास्त्री हैं। फैक्ट्स के साथ मुझसे बहस करें। वह मेरे आग्रह को स्वीकार करें।’उन्होंने बताया कि देश की जनता समझ रही है कि तेल की जो कीमतें बढ़ी हैं उसमें भारत सरकार का हाथ नहीं है। इसलिए जनता इस बंद से अलग है। उन्होंने कहा, ‘देश के सामने एक समन्वित जानकारी सामने आनी चाहिए। इसपर एक सार्थक बहस की जरूरत है। हमारी सरकार एक परिवार की सरकार नहीं है, हमारी सरकार गरीबों के लिए प्रमाणिकता के साथ काम करती है।’