विनय और अन्नू की जोड़ी कांग्रेस में और जोश खरोश पैदा करेगी

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चैतन्य भट्ट
जबलपुर = प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कमलनाथ ने जबलपुर जिले में दो कार्यवाहक पार्टी अध्यक्षों की घोषणा कर ये सन्देश दिया है कि अबकी बार का विधान सभा चुनाव की वैतरणी वे युवाओ के कंधो के सहारे ही पार करेंगे नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष विनय सक्सेना और जगत बहादुर सिंह अन्नू की युवा जोड़ी आगामी विधान सभा चुनावों में युवाओ को एकता के सूत्र में बांधने में सफलहो सकेगी इसमें दो मत नहीं है
उल्लेखनीय है की दिनेश यादव पिछले कई वर्षो से नगर कांग्रेस कमेटी की बागडोर संभाले हुए है बताया जाता है की लम्बे अरसे से इस पद पर काम कर रे दिनेश यादव ने कई बार पद छोड़ने की मंशा भी जताई थी पर आला कमान ने उन्हें पद पर बने रहने की ही राय दी….. बताया जाता है की चूंकि अब विधान सभा चुनाव पास है और महाकोशल के प्रमुख केंद्र बिंदु होने के नाते जबलपुर में कांग्रेस अपना ध्यान पूरी तरह से केंद्रित करना चाहती है क्योकि उसे इस बात का भरोसा होगया है कि पिछले पंद्रह सालो से सत्तापर काबिज शिवराज सिंह की लफ्फाजी से लोग तंग आ चुके है लगातार घोषणाएं करने और उन्हें पूरा न करने से आम मतदाता में शिवराज सरकार के पार्टी के प्रति गहरा रोष है जिसका लाभ उसे सत्ता पलटने में मिलसकता है यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष युवाओ की एक लम्बी टीम बनाकर इस आने वाले युद्ध का मुलाबला करने की नीति बनारहा है वैसे देखा जाए तो अभी जबलपुर में युवा नेताओ की लम्बी चौड़ी फ़ौज है तरुण भनोट, लखन घनघोरिया, शशांक दुबे, सौरभ शर्मा, विश्वमोहन , अनुराग गढवाल, नरेश सराफ, आलोक मिश्रा, मुकेश राठौर, अमरीश मिश्रा ,चिंटू चौकसे, सत्येंद्र यादव, संजय यादव, कौशल्या गोंटिआ, जीतेन्द्र अवस्थी, सचिन यादव, सत्यम जैन अभिषेक यादव, अरविन्द पाठक,पंकज पांडे जैसे सभी नेता युवा ही है और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा जबरदस्त है सत्ता से कई वर्षो से बाहर रहे रहने के बाद भी उनकी निष्ठां और आस्था पार्टी के साथ ही रही है ये तमाम नेता समय समय पर कांग्रेस का झंडा उठाकर आम जनता की समस्याओ को लेकर सरकार और प्रशासन से लोहा लेते रहे है है ऐसी स्थिति में विनय सक्सेना और जगत बहादुर सिंह अन्नू को पार्टी के नगरअध्यक्ष के सहयोगी के रूप में कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में की गयी ताजपोशी कांग्रेस के रणनीति का ही एक हिस्सा कहा जाएगा और इसबात में भी संदेह नहीं है की ये दोनों ही युवा नेता अपने अपने कामो में सिध्दहस्त है विनय सक्सेना लम्बे अरसे से पार्षद रहे है नेता प्रतिपक्ष का भी भार उनके कंधो पर रहा, शहर की क्या समस्याएं है उन्हें कैसे हल किया जा सकता है इस बात कीपूरी जानकारी उनके पास है जगत बहादुर अन्नू भी कांग्रेस के सक्रिय नेता है उनकी पत्नी अभी नगर निगम में पार्षद भी है उन्हें भी समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी है है अनेक आंदोलन भी वे सत्ता पक्ष के खिलाफ कर चुके है और प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के भी नजदीक है जाहिर है इन दोनों नेताओ की ताजपोशी के बाद कांग्रेस के युवा लॉबी में जोश और खरोश पैदा होगा और नगर अध्यक्ष दिनेश यादव के कंधो का बोझ भी कुछ काम हगा यह कहना गलत न होगा .