अब टूटा पहाड़ अवैध उत्खनन करने वालो पर

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सी एन दुबे

निसंदेह जबलपुर की कलेक्टर छवि भारद्वाज बधाई की पात्र हैं जिनके निर्देश पर अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ विगत एक सप्ताह से लगातार छापे मारकर कार्यवाही की जा रही है, और लगभग 4200 सौ हाइवा डम्पर रेत का अवैध स्टॉक वरामद कर जप्त किया जा चुका है जो करीब सात करोड़ से भी ज्यादा मूल्य का है।
जिला कटनी,जबलपुर ,नरसिंहपुर, गाडरवारा होशंगावाद आदि में मां नर्मदा की तथा अन्य छोटी नदियों से बहुत बड़े पैमाने पर भयावह तरीके से अवैध रेत का उत्खनन हो रहा है।प्रशासन की लापरवाही तथा भ्रस्टाचार ,राजनैतिक सत्ता के दवाब तथा भागीदारी से एक सशक्त व निरकुंश रेत माफिया कटनी से होशंगाबाद तक उत्पन्न हो गया जिसमें सत्तासम्पन्न राजनैतिक नेता , उनके स्थानीय दबंग चमचे,और भ्रष्ट प्रशासन सब लुटेरे शामिल हो गए।उन्होंने अवैध रेत उत्खनन का ऐसा नंगा नाच किया जिसकी कल्पना करना कठिन है और जिसे देखकर विश्वास करना मुश्किल।
सड़क से रेत खदान तक गरीबो की जमीन पर जबरन सड़क बना दी गयीं,नर्मदा के किनारों की छोड़ो बीच से नावों से रेत निकाली गई,बीच नदी तक सड़क बना दी गयीं और मोटर बोटों से उत्खनन हुआ,किनारों को तोड़ डाला गया मिट्टी तक खोद कर बेच दी गयी नर्मदा जी को गड्ढों में तबदील कर दिया गया।पर्यावरण नष्ट कर दिया गया।डंपरों के अवैध ,निरकुंश संचालन से सैकड़ो लोग एक्सीडेंट में मारे गए,झगड़े मारपीट हुई हत्याएं हुई,लेकिन सब मौन,सब मूकदर्शक।एक हाइवा जो नौ हजार का आता था उसकी कीमत बाईस हजार हो गई ।रेत सोना बन गयी।माफिया करोड़पति अरबपति बन गए,और राजनैतिक सत्ता के स्वामी भी।राजनैतिक सत्ता और दबंगों के गठजोड़ से जनता लाचार और बेबस हो गयी जिस भी कीमत पर माफिया बेचना चाहे वे खरीदने मजबूर हैं न तो उनसे रसीद मांग सकते हैं न पिट पास और मीडिया भी लगभग खामोश है।
कार्यवाही अच्छी हुई है किंतु मात्र जुर्माना होने से माफिया पर कोई फर्क नही पड़ता।बेचारे गरीब कंडक्टर ड्राइवर नही इनके आकाओं को पकड़ो।अगर हजारो ट्रक रेत जप्ती हुई तो ट्रकों से परिवहन की गई होगी ,तो ट्रक पकड़ो ,जेसीबी मशीनों को जप्त करो।इनसे फिर इनके आकाओं को पकड़ो।इनके खिलाफ स्वयं जुर्माना मत करो वरन भा,दंड विधान की चोरी और लूट की धाराओं में गिरफ्तारी कर चालान पेश करो ताकि जुर्माना के साथ सजा बी हो अन्यथा इस कार्यवाही का माफिया पर कोई प्रभाव पड़ने वाला नही है।जिला कटनी ,नरसिंहपुर, और होशंगावाद तथा प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसी ही कार्यवाही होना चाहिए।
मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने कुछ माह पहले कहा था कि अवैध उत्खनन करने वालो के खिलाफ उन्होंने अधिकारियों को कठोर कार्यवाही करने कहा है।किंतु अपेक्षित कोई भी कार्यवाही मप्र में परिलक्षित नही हुई।अब तो सीधे उन्ही के परिवार पर भागीदारी के आरोप लगने लगे हैं।है प्रभु जी ,अब तो अपना तीसरा नेत्र इन माफियो की ओर खोलिये। यदि नही तो जैसा आपने अपनी एक सभा मे कहा है कि आपने डमरू बजाई तो सब बिजली वालों के विल खत्म (माफ)हो गए ।तो एक बार इन मां नर्मदा की रेत उत्खनन माफिया पर एक जोरदार डमरू बजा दो ताकि यहाँ भी माफिया डरकर भाग जाए और जनता को राहत मिल जाये ,सरकार का खजाना भर जाय। तो है प्रभु बजा दो न यहां भी एक जोरदार डमरू,बजा रहे हो न प्रभु।