शेल्टर होम प्रकरण – योगी ने देवरिया के डीएम को हटाया डीपीओ सस्पेंड

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देवरिया =उत्तर प्रदेश के देवरिया शेल्टर होम केस में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएम ने यहां के डीएम सुजीत कुमार को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं वहीं जिले के पूर्व डीपीओ की लापरवाही देखते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। पूर्व प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी नीरज कुमार और अनूप सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से 55 किलोमीटर दूर देवरिया जिले में गैर कानूनी ढंग से चल रहे शेल्टर होम में सेक्स रैकिट संचालन के आरोप से प्रदेश में हड़कंप मच गया है। रविवार देर रात हुए इस खुलासे के बाद सोमवार की सुबह जैसे ही मीडिया में खबरें फैली प्रशासन से लेकर शासन तक सतर्क हो गया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना पर प्रमुख सचिव महिला एवं बाल कल्याण विभाग से तत्काल रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने जिला मैजिस्ट्रेट सुजीत कुमार को हटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं डीपीओ प्रभात कुमार को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। इतना ही नहीं सीएम ने सख्त रवैया अपनाते हुए पूर्व डीपीओ अभिषेक पांडेय को भी सस्पेंड कर दिया है।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग की मंत्री रेणुका कुमार ने कहा कि मामले में दो सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है
मुख्यमंत्री ने 3 अगस्त को प्रदेश के सभी डीएम को जिले में स्थित शेल्टर होम की जांच के आदेश दिए थे इसके बावजूद किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को देवरिया का मामला सामने आने के बाद जिले के डीएम पर हुई कार्रवाई होते ही सभी अधिकारी अलर्ट हो गए। इधर सीएम ने सभी जिले के डीएम से शेल्टर होम्स के निरीक्षण के बाद 12 घंटे के अंदर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। जिले के डीएम और संबंधित अधिकारियों ने शेल्टर होम्स का ताबड़तोड़ निरीक्षण शुरू कर दिया।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि देवरिया का कांड यह साबित करता है कि बीजेपी की सरकारों में कितनी ज्यादा अराजकता है और महिलाओं की कितनी ज्यादा दुर्दशा है। यह घटना पूरे देश के लिए शर्म और अति चिंता की बात है। बयान में कहा गया कि बीजेपी शासित राज्यों में जगंलराज है। बिहार की घटना के बाद सरकार को अलर्ट हो जाना चाहिए था लेकिन सरकार सोती रही।