एक कमरे में चल रही थी 114 शेल कंपनियां

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हैदराबाद =रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के अधिकारियों ने बुधवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के एक कार्यालय पर छापा मारकर चौंकाने वाला खुलासा किया। इस एक कमरे के छोटे से कार्यालय से 114 शेल कंपनियां संचालित हो रही थीं और मात्र 25 लोग इन कंपनियों में काम करते थे। इनमे से ज्‍यादातर कंपनियों के मालिक सत्‍यम घोटाले के लिए कुख्‍यात बी. रामलिंगा राजू के परिवार के सदस्‍य हैं।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया कीखबर के मुताबिक जुबिली हिल्‍स के फॉर्चून मोनार्क मॉल के अंदर बना यह कार्यालय एसआरएसआर अडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का पंजीकृत पता है। एसआरएसआर वित्‍तीय सेवाएं प्रदान करती है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के अधिकारी हैदराबाद के छह स्‍थानों पर जांच कर रहे हैं और ज्‍यादातर स्‍थान राजू और उसके परिवार से जुड़े हुए हैं।
एक जांच अधिकारी ने कहा, ‘कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय के निर्देश पर हमने इन कंपनियों के पते की जांच की। यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अब तक का सबसे ज्‍यादा बड़ा मामला है। नियमों के मुताबिक एक आदमी 20 पंजीकृत कंपनियों का सदस्‍य हो सकता है। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं इस नियम का उल्‍लंघन तो नहीं हुआ है क्‍योंकि एक ही व्‍यक्ति कई कंपनियों में निदेशक बनाए गए हैं।’
वर्ष 2009 में सत्‍यम घोटाले के बाद सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने इन कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था। अधिकारी ने कहा, ‘ईडी और सीबीआई की ओर से इन कंपनियों के खिलाफ दायर चार्जशीट अलग मामला है। हम शेल कंपनियों की जांच कर रहे हैं।’ उधर, एसआरएसआर के अधिकारियों ने इस बारे में कहा, ‘इन सभी कंपनियों का नाम सीबीआई और ईडी की चार्जशीट में है। ईडी ने इनकी संपत्तियों को अटैच कर दिया है।’
उन्‍होंने कहा, ‘ये कंपनियां सक्रिय तो हैं लेकिन ऑपरेशनल नहीं हैं। हम लगभग हरेक के लिए जीरो बैलेंस शीट फाइल कर रहे हैं। हम इन कंपनियों को बंद नहीं कर सकते हैं क्‍योंकि अगर उनके खिलाफ चल रहा मामला बंद हो जाएगा तो उनकी संपत्तियां वापस होंगी। एसआरएसआर एक अकाउंटिंग फर्म है जो इन कंपनियों की मदद करती है, इसलिए ये सभी एक ही पते चल रही हैं। कई कंपनियों का एक ही पते चलना अपराध नहीं है।’