कौन कहता है हमारे पास नंबर नहीं है

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नई दिल्ली =लोकसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा के लिए एनडीए और यूपीए ने पूरी तरह कमर कस ली है। बीजेपी ने अपने पार्टी सांसदों के लिए विप जारी कर उन्हें अविश्वास प्रस्ताव वाले दिन सदन में उपस्थित रहने को कहा है वहीं, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी के पूरे संकेत दे दिए हैं। संख्या बल के दम पर भले ही सरकार आश्वस्त दिख रही हो पर सोनिया गांधी ने अपने बयान से सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। बहुमत के सवाल पर सोनिया ने कहा कि कौन कहता है कि यूपीए के पास नंबर नहीं है? टीडीपी द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव पर 50 से ज्यादा सांसदों ने हस्ताक्षर किया था। इस बीच ऐसी खबरें भी हैं कि कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार की जगह सोमवार को बहस चाहती है।
मशहूर अंगरेजी चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक बीजेपी ने पार्टी सांसदों के लिए तीन लाइन का विप जारी कर उन्हें अविश्वास प्रस्ताव वाले दिन संसद में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। पार्टी गैरहाजिर रहने वाले सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती है।
गौतलब है कि बुधवार से शुरू हुए मॉनसून सत्र में टीडीपी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था जिसे स्पीकर सुमित्रा महाजन ने स्वीकार कर लिया। अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को लोकसभा में चर्चा होगी। संसद ने बाहर निकल रहीं यूपीए चेयरपर्सन से जब पत्रकारों ने बहुमत पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि कौन कहता है कि यूपीए के पास नंबर नहीं है? दरअसल, नंबर गेम में लोकसभा में बीजेपी की नेतृत्व वाली एनडीए को कोई खतरा नहीं है। बीजेपी के सहयोगी दलों समेत लोकसभा में कुल 300 से ज्यादा सांसद हैं। यानी अगर इस प्रस्ताव पर वोटिंग भी होती तो बीजेपी के पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद है।
सोनिया गांधी के बयान को सत्तारूढ़ बीजेपी पर दबाब की रणनीति बनाने का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस के पास लोकसभा में 48 सांसद हैं वहीं नंबर गेम के मामले में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए एनडीए से काफी पीछे है। विपक्षी दलों का नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ यह पहला अविश्वास प्रस्ताव है। इस प्रस्तावर के जरिए ही विपक्षी एकता की भी परीक्षा होगी।
टीडीपी के के श्रीनिवास ने एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा कि वह अगले दो-तीन दिन में इसपर बहस की तारीख तय करेंगी। स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करनेवाले उन सभी सदस्यों का नाम लेते हुए कहा कि टीडीपी के श्रीनिवास ही अविश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे क्योंकि लॉटरी से उनका नाम ही निकला है।
टीडीपी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने के विरोध में इसी साल मार्च में एनडीए से अलग हो गई थी। श्रीनिवास ने जीरो ऑवर में प्रस्ताव पेश किया और स्पीकर ने इसे मान लिया। टीडीपी के सदस्यों ने बजट सत्र के दौरान भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था लेकिन स्पीकर ने उसे खारिज कर दिया था।
समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि विपक्षी दलों को पास नंबर नहीं है लेकिन वह सरकार के झूठ को जनता के सामने उजागर करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास नंबर भले ही न हो लेकिन हमारे पास ऐसा नेता हैं जो यह बताएंगे कि सरकार कैसे देश को बेवकूफ बना रही है। विश्वास ये है कि जनता के मन अविश्वास पैदा कर दें।’