अगर ये घटना इंडिया में होती तो क्या होता …………

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बृजकिशोर तिवारी
थाईलैंड में गुफा में फंसे बच्चों को बचाने के ऑपरेशन से कुछ सीखे इंडियन मीडिया ,,,,*
*दुनिया भर का टीवी मीडिया वहां पहुंचा , पर किसी ने भी लोमहर्षक घटना को कैश नहीं किया ,,,,*
*किसी ने बच्चों के माँ – बाप के दर्द को खरीदा और बेचा नहीं ,,,,,*
*किसी चैनल ने बच्चों के परिजनों और गली मोहल्ले वालों को नहीं दिखाया ,,,,*
*किसी चैनल ने आंसुओं को नहीं बेचा । किसी ने मां की आहों का सौदा नहीं किया ,,,,,*
*वहां के सरकारी अधिकारियों से मीडिया ने बात नहीं की । केवल विश्वभर के सील कमांडो द्वारा चलाये जा रहे बचाव अभियान दल के लीडर ने समय समय पर बुलेटिन जारी किए !!*
*प्रिंट मीडिया ने भी बचाव कार्यों पर बल दिया , खबरें नहीं बेची । सम्वेदनाएँ नहीं भुनाई ! ! !*
*थाईलैंड सरकार या वहां के विपक्षी नेताओं ने मीडिया चैनलों पर बैठकर भद्दी बहस के दरबार नहीं सजाए ,,,*
*बस ! एक ही लगन , बच्चे बाहर आ जाएं । बाहर आने तक कल्पनाओं के आधार पर फूहड़ स्टोरी नहीं चलाई ।*
*बस उतनी ही रिपोर्टिंग , जिससे बचाव अभियान में बाधा न पड़े ,,,,,,*
*यह घटना अगर भारत में हो जाती तो सोचकर भी रूह कांप उठती है !!*
*मीडिया हाहाकार मचा देता, अभियान के कमांडोज को काम न करने देता, बातों और बाइट लेने में उनका समय बर्बाद कर देता, घरों में चीत्कार मचवा देता, अखबारों के परिशिष्ट निकलते, विज्ञापन टीमें बाजार को खंगाल डालती !!*
*काश , थाईलैंड की घटना से हम कुछ सीखें ,,,,*
*वैसे सीखने की आदत हमें है नहीं ,,,,*
*हम तो गुरू हैं , सिखाते हैं ??..
लेखक फिल्म अभिनेता और लेखक है