स्विस बैंक में काला धन पर सरकार बैकफुट पर

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नई दिल्ली=स्विस नैशनल बैंक की ओर से जारी नई रिपोर्ट पर मोदी सरकार चौतरफा घिरती नजर आ रही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा 50 फीसदी बढ़कर 7,000 करोड़ रुपये हो गया है। कालेधन में कमी के मोदी सरकार के दावे के बीच स्विस बैंक के ये नए आंकड़े सामने आए हैं। अब केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इस मामले पर मोदी सरकार का पक्ष सामने रखा है। पीयूष गोयल ने कहा है कि इस मामले में कालेधन या अवैध लेन-देन का अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है।
वित्त मंत्री गोयल ने कहा कि भारत ने पीएम मोदी के नेतृत्व में स्विटजरलैंड के साथ जो करार किया है, उसके मुताबिक उनके वित्त वर्ष के समाप्त होने पर यह सारा डेटा हमारे पास होगा। स्विस बैंक की रिपोर्ट पर पूछे गए सवाल पर गोयल ने कहा, ‘1 जनवरी 2018 से वित्त वर्ष के खत्म होने तक का सारा डेटा हमारे पास आ जाएगा।’ उन्होंने कहा कि ऐसे में कालेधन या अवैध लेन-देन का अनुमान लगाने की क्या जरूरत।कांग्रेस ने विदेशों में जमा कालेधन में इजाफे की खबरों को लेकर कहा कि ‘अच्छे दिन जुमले बन गए।’ पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘मोदी जी, भारत का रुपया तो कमज़ोर होकर एक डॉलर के मुकाबले ₹69.10 हो गया। वादा था – एक डॉलर को 40 रुपये करने का।’ उन्होंने कहा, ‘स्विस बैंकों में काला धन 50 फीसदी बढ़कर 7,000 करोड़ रुपये हुआ। वादा था विदेशी बैंकों से 100 दिनों में 80 लाख करोड़ रुपये वापस लाने का।’
सुरजेवाला ने तंज कसते हुए कहा, ‘जुमले बने अच्छे दिन, कहां गए वे सच्चे दिन?’ स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में रखा गया धन 2017 में 50 फीसदी से अधिक बढ़कर 7,000 करोड़ रुपये (1.01 अरब फ्रैंक) हो गया है।