एक नीम गुण हज़ार

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पेट संबंधी कई समस्याओं से छुटकारा दिलाने में नीम की पत्तियां बेहद काम आती हैं। पेट के कीड़ों को नष्ट करने के लिए नीम के पत्तों के रस में शहद और काली मिर्च मिलाकर लें। नीम की पत्तियों को सुखाकर शक्कर मिलाकर खाने से दस्त में भी आराम मिलता है। इसके अलावा भी नीम की पत्तियां सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं…
जली हुई जगह पर नीम का तेल या नीम की पत्तियों को पीसकर लगाने से आराम मिलता है। नीम में ऐंटीसेप्टिक गुण होते हैं इसलिए कटी हुई जगह पर नीम का तेल लगाने से टेटनेस का डर नहीं रहता। इसके अलावा अगर आप फोड़े और फुंसियों की समस्या से बचना चाहते हैं तो नीम के पत्ते, छाल और फलों को बराबर मात्रा में पीस लें और इस पेस्ट को त्वचा पर लगाएं। इससे फोड़े-फुसियां और घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं।
नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर और ठंडा करके उस पानी से मुंह धोने से मुंहासों में आराम मिलता है।
खून को साफ करेनीम की पत्तियां चबाने से आपके ब्लड में मौजूद कई प्रकार के हानिकारक तत्व समाप्त हो जाते हैं। इस वजह से आपके चेहरे पर भी एक नई चमक आ जाती है। इसके अलावा रक्त संबंधी बिमारियां दूर हो जाती हैं।
खुजली में भी आराम दे =नीम की पत्तियों को पानी में उबाल उस पानी से नहाने से खुजली जैसे रोगों में आराम मिलता है। नीम के पत्ते चेचक के उपचार में भी काफी फायदा पहुंचाते हैं और उसके वाइरस को फैलने से रोकते हैं।
पसीना भी नहीं आएगा =नीम के तेल की ५-१० बूंदों को सोते समय दूध में डालकर पीने से आपको ज्यादा पसीना आने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा शरीर में जलन होने जैसे रोगों में भी काफी फायदा होता है।
दूर करे फुंसियां और मुहांसे =नीम की पत्तियों को पीस कर उसे चेहरे पर लगाने से फुंसियां और मुहांसे पूरी तरह से मिट सकते हैं। इसकी पत्तियों को पानी में उबालें और उसे ठंडा करके उस पानी से मुंह धो लें, मुहांसे दूर हो जाएंगे।
कान में नीम का तेल डालने से कान दर्द या कान बहने की समस्या में आराम मिलता है। इसके अलावा नीम दांतों के लिए भी लाभकारी है। नीम का दातुन नियमित रूप से इस्तेमाल करने से कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। इससे मसूड़े मजबूत व दांत चमकीले और निरोग होते हैं।
पीलिया यानी जॉन्डिस में भी नीम का इस्तेमाल फायदेमंद है। पित्ताशय से आंत में पहुंचने वाले पित्त में रुकावट आने से पीलिया होता है। ऐसे में रोगी को नीम के पत्तों के रस में सोंठ का चूर्ण मिलाकर देना चाहिए या फिर 2 भाग नीम की पत्तियों का रस और 1 भाग शहद मिलाकर पीने से पीलिया रोग में काफी फायदा होता है।
पथरी की समस्या से बचने के लिए लगभग 150 ग्राम नीम की पत्तियों को 1 लीटर पानी में पीसकर उबाल लें। इस पानी को सामान्य होने पर पी लें। नियमित रूप से ऐसा करने से पथरी निकल सकती है। पथरी अगर किडनी में है तो रोज नीम के पत्तों की लगभग 2 ग्राम राख पानी के साथ लें, लाभ होगा।

कोई भी नुस्खा आयुर्वेदिक चिकित्सक से पूछ कर ही उपयोग करे