प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला पत्र

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आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रमोदीजी,
नमस्कार,
मैं यह पत्र एक आम नागरिक के हैसियत से लिख रहा हूँ। आप एक महान लोकतंत्र के नेता हैं। हमारी मान्य लोकतांत्रिक परम्पराएं हैं। जिनका पालन कर आप देश को आगे ले जा रहे हैं। आप भी नई परम्पराओं को जन्म दे रहे हैं। उन्हीं परम्पराओं का आने वाले पीएम भी पालन करेंगे। यही लोकतंत्र की खूबी है।
किसी भी चुनाव में जीत जीत होती है। जो जीता वह सिकन्दर। लेकिन जीतकर एक दल के नेता की तरह बात करना प्रधानमंत्री जैसे बड़े पद के लिए शोभा नहीं देता है। इससे प्रधानमंत्री के पद की गरिमा कम हो रही है। सर्वोच्च पद की गरिमा कम तो उसी समय से होने लगी थी जब भाजपा या आरएसएस समर्थकों ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर घटिया तरीके से दुष्प्रचार करना शुरू किया था। उसी परम्परा का पालनकर कांग्रेस या गैर भाजपा दल के समर्थक आपके बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं।
यह तय है इतिहास में अमिट अक्षरों में लिखा जाएगा कि आप के शासन काल में हिंदुत्ववादी विचारधारा का परचम लहराया है। हाल ही में तीन राज्यों में बीजेपी ने 12 लाख वोट लेकर सिर्फ 48 विधानसभा सीट जीती हैं। यह जीत आरएसएस के सुनील देवधर और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए बहुत बड़ी हो सकती है। लेकिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुखिया यानी प्रधानमंत्री के लिए लेश मात्र है। पूर्वोत्तर की जीत पर जिस तरह से मीडिया बावला हो रहा है। उसमें यह सच दबकर रह गया है। आप आज भी भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री की तरह ही भाषण दे रहे हैं।
त्रिपुरा में 9 लाख 99 हजार 093 वोट हासिल कर 35 सीट,नागालेंड मे 1 लाख 43 हजार 003 वोट लेकर 11 सीट और मेघालय में 1 लाख 51 हजार 217 वोट के साथ 2 सीट बीजेपी ने हासिल की है। इस तरह तीनों राज्यों में 12 लाख 93 हजार 313 वोट हासिल कर कुल 176 सीट में से 48 सीट पर कब्जा किया है। तीनों राज्यों में कुल मतदाता 55 लाख 88 हजार हैं कुल सीट 180……।
यदि यह लहर है तो ऐसी हर
लहर को सलाम……बधाई
लेकिन पद की गरिमा बचाइए प्रधानमंत्रीजी
सादर
रवींद्र दुबे

रवींद्र दुबे जबलपुरकेवरिष्ठ पत्रकार है यह आलेख उनकी फेसबुक वाल से साभार लिया गया है