पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में हृदयरोग की आशंका अधिक

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, न्यूयॉर्क = हाल ही में किये गए एक शोध में पता चला है कि महिलाओं में मानसिक तनाव के कारण हृदयरोग की आशंका पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक होती है। जॉर्जिया स्थित इमोरी यूनीवर्सिटी में हुए शोध में हार्ट अटैक झेल चुकी महिला मरीजों के आंकड़ों पर अध्ययन किया गया।
इस अध्ययन में कहा गया है कि मानसिक तनाव के कारण मायोकॉर्डियल इस्कीमिया की समस्या हो जाती है। इसके कारण हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह असंतुलित हो जाता है। यह शोध अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित हुआ है।
इसमें कहा गया है कि हृदय की बीमारी से जूझ रही महिलाओं को उबरने के लिए पुरुषों की अपेक्षा गहन देखभाल की जरूरत होती है। मानसिक तनाव भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के हृदय की सेहत को अधिक प्रभावित करता है। इससे पहले हुए शोध में यह तो साबित हुआ था कि मानसिक तनाव से महिलाओं को हृदय रोग का खतरा अधिक होता है, लेकिन किस हद तक यह स्पष्ट नहीं हुआ था।
प्रमुख शोधकर्ता वोइला वकारिनो का कहना है कि मायोकॉर्डियल इस्कीमिया में हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। यह हृदय की धमनियों के पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण हो सकता है। इस शोध के लिए हार्ट अटैक के कारण अस्पताल पहुंचने वाली 61 साल की उम्र की डेढ़ सौ महिलाओं और 156 पुरुषों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया।
डॉ. वकारिनो का कहना है कि महिलाएं इस्कीमिया के प्रति अधिक संवेदनशील इसलिए होती हैं क्योंकि उनकी छोटी रक्त धमनियों में प्रवाह बाधित हो जाता है। यह स्थिति अक्सर भावनात्मक तनावा के कारण उत्पन्न होती है। इस कारण महिलाओं में कोई लक्षण न होने के बावजूद इस्कीमिया की आशंका अधिक रहती है।
मायोकॉर्डियल इस्कीमिया के कारण हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह असंतुलित हो जाता है। यह हृदय की धमनियों के पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण हो सकता है।