मध्य प्रदेश में सिंधिया वर्सेज शिवराज सिंह

0
100

भोपाल =मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवराज सरकार को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। चुनाव की तारीख का ऐलान हो उससे पहले प्रदेश में उपचुनाव में जीत के लिए सिंधिया बनाम बीजेपी का तगड़ा मैच दिखने लगा है। उपचुनाव जीतने के लिए कांग्रेस और बीजेपी पुरजोर कोशिश में लगी हुई है।
राज्य के अशजकनगर के मुंगावली और शिवपुरी के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हैं। इन दोनों ही स्थानों से कांग्रेस विधायक थे और उनका निधन होने से उपचुनाव होने वाले हैं। , मगर दोनों ही क्षेत्रों में चुनावी रंग पूरी तरह चढ़ चुका है। कांग्रेस की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया कमान संभाले हुए हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और लगभग एक दर्जन मंत्री तथा संगठन के कई पदाधिकारी जोर लगाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अशजकनगर और शिवपुरी दोनों ही जिले सिंधिया परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र हैं, यहां से सिंधिया सांसद भी हैं। इसके अलावा सिंधिया का इन क्षेत्र के लोगों से सतत संपर्क रहता है, साथ ही उनका ग्लैमर अभी बरकरार है। ऐसे में बीजेपी और उसकी सरकार के लिए कांग्रेस से यह विधानसभा क्षेत्र छीनना आसान नहीं है।
इस इलाके की बीते एक माह की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर दौड़ाएं तो एक बात साफ हो जाती है कि बीजेपी ने यहां पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में शिवराज मंत्रिपरिषद के सदस्य नरोत्तम मिश्रा, रुस्तम सिंह, जयभान सिंह पवैया, उमाशंकर गुप्ता, विश्वास सारंग, लाल सिंह आर्य, भूपेंद्र सिंह यहां का दौरा कर चुके हैं। उनके अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राज्यसभा सांसद प्रभात झा भी बैठकों का हिस्सा बन चुके हैं। तो दूसरी ओर कांग्रेस से अकेले ज्योतिरादित्य सिंधिया मोर्चा संभाले हुए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव व सांसद कांतिलाल भूरिया एक-एक दौरा कर चुके हैं। राजनीति के जानकारों की मानें तो बीजेपी का सारा जोर कोलारस क्षेत्र पर है, मुंगावली में वह ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री चौहान अब तक छह से ज्यादा दौरे कर चुके हैं। उन्होंने कोलारस के सहरिया आदिवासियों में कुपोषण कम करने के लिए हर परिवार को एक हजार रुपये मासिक भत्ता देने का ऐलान किया।