मोदी के मंत्रियों को भी लोकतंत्र के लिए आवाज उठानी चाहिए

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नई दिल्ली= सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों द्वारा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद राजनीती भी तेज हो गयी है पिछले कई महीनो से मोदी सरकार के खिलाफ आग उगलने वाले बीजेपी के नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि जजों की तरह ही मोदी के मंत्रियों को भी लोकतंत्र के लिए भय से परे होकर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और कैबिनेट में शामिल मंत्रियों को भी लोकतंत्र के लिए आवाज उठानी चाहिए।वंही बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिव सेना सेना जो मोदी सरकार को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़तीके मुखिया उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘कल जो कुछ भी हुआ, वह परेशान करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सकती है, लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि उन्हें ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा। लोकतंत्र के सभी 4 स्तंभों को स्वंतत्रता से खड़ा रहना चाहिए, यदि वे एक दूसरे में गिरते हैं तो यह ध्वस्त हो जाएगा।’
यशवंत सिन्हा ने 4 जजों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा हालात 1975-77 के दौरान की इमर्जेंसी जैसे हो गए हैं। पत्रकारों से बात करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘यदि संसद के कामकाज से समझौता किया जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट का काम सही से नहीं चल पा रहा है तो लोकतंत्र खतरे में है।’
सिन्हा ने कहा, ‘यदि सुप्रीम कोर्ट के 4 सबसे सीनियर जज कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है तो हमें उसे गंभीरता से लेना चाहिए।’ सिन्हा ने कहा, ‘लोकतंत्र के लिए महसूस करने वाले हर नागरिक को बोलना चाहिए। मैं पार्टी के नेताओं और कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्यों से भी कहूंगा कि वे अपनी आवाज बुलंद करें। मैं उनसे अपील करूंगा कि वे भय से निकलें और अपनी बात रखें।’