महाराष्ट्र में हिंसा जिग्नेश और उमर के खिलाफ मामला दर्ज

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पुणे =भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में गुजरात के दलित विधायक जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के छात्रनेता उमर खालिद के खिलाफ हिंसा को भड़काने का आरोप लगते हुए पुणे के विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 153 ए, 505 और 117 के तहत यह केस दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि 29 दिसंबर को पुणे के पास एक दलित महापुरुष की समाधि के कथित अपमान से शुरू हुई हिंसा ने बड़ा रूप ले लिया था। 31 दिसंबर को जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद ने ‘एलगर परिषद’ नाम के कार्यक्रम में शिरकत की, जो भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित किया गया था। इसके अगले ही दिन 1 जनवरी को जश्न में शामिल होने गांव पहुंचे दलितों और कुछ स्थानीय हिंदूवादी संगठनों के बीच झड़प हो गई थी। इसमें एक युवक की मौत हो गई थी।
जिग्नेश मेवाणी ने 31 दिसंबर को भीमा-कोरेगांव में दिए अपने भाषण में भी पीएम मोदी पर तीखे हमले किए थे। जिग्नेश ने कहा था, ‘गुजरात के बाद पूरे देश में हम 56 इंच के सीने को फाड़कर रख देंगे। इस देश के प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब उन्होंने ‘कर्मयोगी’ किताब लिखी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि सफाईकर्मियों को सफाई करने में आध्यात्मिकता का आनंद मिलता है। यही नव पेशवाई है। मैं प्रधानमंत्री जी को आह्वान करता हूं कि वह यहां आएं और दलितों के साथ एक दिन गटर में उतरें और नव पेशवाई का आनंद लें। इससे उन्हें पता चलेगा कि नव पेशवाई क्या है।’