आखिरी फैसला सेंसर बोर्ड का होगा

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मुंबई = सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने साफ़कर दिया है ‘कि विवादस्पद संजय लीला की फिल्म पद्मावती फिल्म के प्रमाणन के लिए विशेष समिति का गठन महज सलाह लेने के उद्देश्य से किया गया था। फिल्म से जुड़ा अंतिम फैसला हमेशा सेंसर बोर्ड के हाथ में रहेगा।
उल्लेखनीय है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती अपने निर्माण काल से ही ही विवादों के घेरे में है जब राजस्थान में फिल्म की शूटिंग चल रही थी तब करनी सेना के कुछकार्यकर्ताओ ने संजय लीला भंसाली पर हमला कर उनके सार्थ मारपीट की थी उसके बादसे ही फिल्म विवादों में घिरी हुई है अब जहां इस फिल्म को कुछ संशोधनों के साथ रिलीज़ की अनुमति मिल गई है, वहीं विरोध के स्वर भी लगातार जारी हैं।
जोशी के मुताबिक, ‘सेंसर बोर्ड के फैसले में सलाह के कुछ हिस्सों को जगह मिली है, लेकिन जैसा कि कहा गया है कि प्रमाणन का अंतिम फैसला सेंसर बोर्ड का ही है। सेंसर बोर्ड समिति का नजरिया व्यवहारिक और संतुलित है। ऐसे में इसे लेकर अनावश्यक विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए।’
जोशी के मुताबिक, ‘सेंसर बोर्ड के फैसले में सलाह के कुछ हिस्सों को जगह मिली है, लेकिन जैसा कि कहा गया है कि प्रमाणन का अंतिम फैसला सीबीएफसी समिति का ही है। सेंसर बोर्ड समिति का नजरिया व्यवहारिक और संतुलित है। ऐसे में इसे लेकर अनावश्यक विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए।’
पिछले हफ्ते प्रसून जोशी की मौजूदगी और विशेष समिति के सदस्यों, उदयपुर के अरविंद सिंह, इतिहासकार चंद्रमणि सिंह और केके सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद अपने फैसले की घोषणा की। इसके बाद मेवाड़ राजवंश के 76वें वंशज व पूर्व लोकसभा सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ ने संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म को प्रमाणित किए जाने को जनता के साथ धोखा बताते हुए प्रसून जोशी की निंदा की थी।