कमल हासन के हिन्दू आतंकवाद लेख से बवाल

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नई दिल्ली =अभिनेता के बाद अब जल्द ही नेता के तौर पर नई पारी शुरू करने की अटकलों के बीच कमल हासन ने ‘हिंदू आतंकवाद’ पर नई बहस छेड़ दी है। तमिल साप्ताहिक पत्रिका ‘आनंदा विकटन’ में लिखे अपने लेख में हासन ने लिखा है कि राइट विंग ने अब मसल पावर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राइट विंग हिंसा में शामिल है और हिंदू कैंपों में आतंकवाद घुस चुका है।
हासन ने लेख में लिखा है कि कोई नहीं कह सकता कि हिंदू आतंकवाद का वजूद नहीं है। उन्होंने लिखा कि हिंदू कट्टरपंथी पहले बातचीत में यकीन रखते थे लेकिन अब हिंसा में शामिल हैं। उन्होंने यह भी लिखा है कि लोगों की ‘सत्यमेव जयते’ में आस्था खत्म हो चुकी है। हासन ने अपने लेख में केरल सरकार की तारीफ की है। उन्होंने लिखा कि केरल ने सांप्रदायिक हिंसा से तमिलनाडु के मुकाबले बेहतर ढंग से निपटा है।
कमल हासन के इस लेख से ‘हिंदू आतंकवाद’ पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने हासन की आलोचना करते हुए उन्हें नैतिक तौर पर भ्रष्ट बताया है। स्वामी ने कहा कि अभी तक ‘हिंदू आतंकवाद’ के कोई सबूत नहीं हैं।
बीजेपी नेता मुरलीधरन ने अंगरेजी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ’ से बातचीत में कमल हासन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि हासन सच्चाई से मुंह मोड़ रहे हैं। मुरलीधर ने कहा कि हासन कहते हैं कि केरल में सौहार्द है लेकिन हकीकत अलग है। उन्होंने कहा कि केरल में पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठन आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं और वहां मुस्लिमों में कट्टरता बढ़ रही है। मुरलीधरन ने कहा कि केरल से टेरर कनेक्शन की वजह से तमाम युवा गिरफ्तार हो रहे हैं।
कमल हासन के बयान पर सामाजिक कार्यकर्ता राहुल ईश्वर ने भी टाइम्स नाउ से कहा, ‘कमल हासन पीएफआई को नहीं देख रहे। केरल से हिंसा की खतरनाक रिपोर्ट्स आती रहती हैं। लेकिन वह नहीं देख रहे हैं। वहां जबरन धर्मपरिवर्तन हो रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वह जबरन धर्मांतरण पर भी बोलेंगे। वह सिलेक्टिव हो रहे हैं।’