गोरखपुर: अब डॉक्टर कफील खान पर गिरी गाज

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गोरखपुर =बीआरडी मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में हुए हादसे के बाद बच्चो के लिए आक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था करने के बाद चर्चा में आये के इन्सेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी डॉक्टर कफील खान को उनके पद से हटा दिया गया है। डॉक्टर कफील बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग के अध्यक्ष थे। वह नीओनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट के प्रमुख थे। डॉक्टर खान पर यह कार्रवाई सीएम योगी के बीआरडी अस्पताल के दौरे के बाद की गई है।
उल्लेखनीय है की बीआरडी अस्पताल में पिछले 5 दिनों में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अस्पताल का दौरा किया। सीएम ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम के दौरे के बाद डॉक्टर कफील खान पर कार्रवाई की गई। डॉक्टर खान पर मेडिकल कॉलेज से छुट्टी लेकर प्राइवेट अस्पताल चलाने सहित कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। डॉक्टर कफील उस समय सुर्खियों में आए जब ऑक्सिजन की कमी के वक्त खुद अपनी गाड़ी से अपने दोस्तों और निजी अस्पतालों से ऑक्सिजन सिलिंडर लेकर बीआरडी अस्पताल लाए।
इससे पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर राजीव मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। अंबेडकर नगर के राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा डॉक्टर भूपेंद्र शर्मा को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग का नया नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
बीआरडी अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी के चलते हुई बच्चों की मौत के मामले में आलोचना का सामना कर रहे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अस्पताल का दौरा किया। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी थे। अस्पताल के दौरे के बाद योगी ने कहा है कि सरकार की ओर से इस मामले में कोई लापरवाही नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि बच्चों की मौत ऑक्सिजन की कमी के चलते नहीं हुई। योगी मीडिया से बात करते हुए भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस के खिलाफ उन्होंने सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी है। मृतक बच्चों पर उनकी पीड़ा को कोई समझ नहीं सकता। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बच्चों की मौत पर सियासत की नहीं, संवेदना की जरूरत है।