आक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पर छापा मालिक फरार

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गोरखपुर = बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की सप्लाइ करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड पर पुलिस ने छापे की कार्रवाई की है। कंपनी के मालिक मनीष भंडारी के कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। घटना के बाद से भंडारी फरार चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस के बड़े अधिकारियों के दबाव के चलते भंडारी सामने नहीं आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक छापे की कार्रवाई शुक्रवार रात ही शुरू कर दी गई थी। हालांकि कंपनी की ओर से दावा किया जा रहा है कि आक्सीजन की सप्लाइ रोके जाने से मौतें नहीं हुई हैं।
बताया जा रहा है कि पुलिस के रवैये से कंपनी के मालिक मनीष भंडारी काफी डरे हुए हैं। उनके रिश्तेदारों और संबंधियों के यहां भी रेड डाली गई है। छापे की कार्रवाई के बाद कंपनी ने अपना पक्ष भी रखा है। कंपनी की अधिकारी मीनू वालिया ने कहा, ‘आक्सीजन कट-ऑफ की वजह से मौतें नहीं हुई हैं, कोई इस तरह सप्लाइ नहीं रोक सकता है, हमें पता है इसका नतीजा क्या होगा।’ वालिया ने बताया कि कंपनी ने लगातार पेमेंट का भुगतान किए जाने के सिलसिले में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कभी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
कंपनी का पक्ष इसलिए भी मजबूत नजर आ रहा है कि इस संबंध में 10 अगस्त को अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा कॉलेज के प्राचार्य लिखा एक पत्र भी सामने आया है। पत्र में बताया गया था कि लिक्विड ऑक्सिजन का स्टॉक खत्म होने के संबंध में 3 अगस्त को भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को जानकारी दी गई थी। पत्र में साफ लिखा गया है कि पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 63.65 लाख रुपये के बकाए का भुगतान न होने पर आक्सीजन सप्लाइ न करने की बात कही है। सप्लाइ बाधित होने पर सीधे मरीजों की जान को खतरा पैदा हो सकता है।
इस पत्र की एक कॉपी स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को भी भेजी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि कई घरों के चिराग बुझ गए। अब सरकार की ओर से कार्रवाई की बात कही जा रही है। पुलिस पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके मालिक पर तो छापे की कार्रवाई कर रही है, पर सवाल यह उठा रहा है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों और मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई कब होगी।