इस तस्वीर ने लाखों लोगो को भावुक कर दिया

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टोक्यो =अगर एक मां अपने ही बच्चे को छू न पाए, उसे गले से न लगा सके तो उस मां पर क्या बीतती होगी? शाना निहाउस ऐसी ही मां हैं। उनका 5 साल का बेटा किनोआ ऑटिज्म से पीड़ित है। ऐसे बच्चों को ऑटिस्टिक कहा जाता है। उनका सामाजिक संपर्क बहुत कम होता है। वे दोस्त नहीं बना पाते और लोगों से घुल-मिल भी नहीं पाते। सामाजिक मेलजोल को लेकर वे काफी उदासीन होते हैं और कोशिश करने पर भी लोगों का सामना नहीं कर पाते। ऐसे बच्चे अकेलेपन का शिकार होते हैं। शाना भी अपने बेटे से ज्यादा बात नहीं कर पाती हैं। वे न उसे छू पाती हैं, न उसे नहला पाती हैं और न उसे गले ही लगा पाती हैं। ऐसे में एक दिन किनोआ की जिंदगी में एक कुत्ता आया और उसके साथ किनोआ का जैसा रिश्ता बना, वह किसी को भी भावुक कर देगा।
शाना ने अपने बेटे किनोआ की उस कुत्ते के साथ एक तस्वीर फेसबुक पर शेयर की और इसके कैप्शन में उन्होंने जो लिखा, वह किसी का भी दिल छू लेगा। पूरी दुनिया में हजारों लोग इस तस्वीर को देखकर भावुक हो चुके हैं। इस तस्वीर में एक महिला अपने मुंह पर हाथ रखकर रोती दिख रही हैं, जबकि उनके सामने एक कुत्ता सो रहा है और कुत्ते के पेट पर सिर रखकर एक बच्चा लेटा कुछ पढ़ रहा है।
इस तस्वीर को पोस्ट कर शाना ने लिखा, ‘इस पल को देखा? मैंने इससे पहले ऐसा कभी महसूस नहीं किया। कल पहली बार मेरा 5 साल का ऑटिस्टिक बेटा अपने ऑटिज्म सर्विस डॉग टोरांडो से मिला। हम अमेरिका के रहने वाले हैं, लेकिन फिलहाल जापान में रहते हैं। पिछले 2 साल से हम खुद को टोरांडो से मिलने के लिए तैयार कर रहे थे।’ टोरांडो एक प्रशिक्षित कुत्ता है। उसे ऑटिस्टिक बच्चों के साथ रहने और उनका ख्याल रखने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई है। ऐसे कुत्ते ऑटिस्टिक बच्चों को संभालते हैं, जब उन्हें पैनिक अटैक आता है तब उनका ख्याल रखते हैं। जब बच्चा परेशानी में होता है और उसे विशेष देखभाल की जरूरत होती है, तब ये कुत्ते उनके माता-पिता को इसका संकेत देते हैं। चूंकि कुत्तों का इंसानों के साथ काफी खास तरह का रिश्ता होता है और वे इंसानों के साथ अलग तरह से पेश आते हैं, ऐसे में ऑटिस्टिक बच्चे अक्सर उनके साथ घुल-मिल जाते हैं।
शाना ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, ‘यह तस्वीर उस मां का चेहरा दिखाती है जो कभी अपने बच्चे को गले नहीं लगा सकती, उसे नहला नहीं सकती, उसे लाड़ नहीं कर सकती और यहां तक कि उसे छू भी नहीं सकती। इस मां ने अपने बेटे को अपनी मर्जी से अपने नए ऑटिज्म सर्विस डॉग के साथ जुड़ते देखा। टोरांडो और किनोआ के बीच एक अनकहा जुड़ाव है।’ शाना आगे लिखती हैं, ‘मैंने अपने बेटे को खेल के मैदान पर अनगिनत बार अपने लिए दोस्त खोजते और निराश होते हुए देखा है। उसका एक भी दोस्त नहीं है। किसी के साथ उसका कोई संपर्क नहीं है। कई ऐसी रातें भी गुजरीं जब मैं महीनों तक हर रात मैं अपने बेटे के साथ बैठी रही और वह रोता रहा। परिवार के बाहर उसका किसी के साथ कोई रिश्ता नहीं। वह बहुत कोशिश करता है, अपने ऑटिज्म के इलाज को भी बहुत गंभीरता से लेता है, लेकिन किसी का कोई फायदा नहीं हुआ।’
शाना लिखती हैं, ‘मैं अपने बच्चे के पीछे बैठी चुपचाप उसे देख रही थी। मैं चुपचाप इस पल को देख रही थी। मेरे पास कहने को कोई शब्द नहीं था।’ शाना ने लिखा, ‘अपने बच्चे के लिए मेरी हर कोशिश मायने रखती है। टोरांडो के कारण मुझे भरोसा है कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। एक मां के तौर पर मैंने अपने बेटे को कई बार दर्द में देखा है। मैं उसकी तकलीफ देखकर अनगिनत बार रोई हूं। लेकिन कल, मेरे रोने की कोई और वजह थी। कल टोरांडो और किनोआ के बीच का रिश्ता, उनकी एक-दूसरे के साथ सहजता और प्यार देखकर मैंने जो महसूस किया, उस भावना को किसी भी भाषा में जाहिर नहीं किया जा सकता है। मैंने जो महसूस किया, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता है।’