सोनिया ने दिया शरद यादव को न्योता जेडीयू भड़की

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नई दिल्ली =कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं के साथ एक अहम बैठक करने वाली हैं। सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग का मकसद संसद में लाइक माइंडेड पार्टियों की एकजुटता को जारी रखने के उपाय ढूंढना और मिलकर प्रदर्शन करने के लिए मुद्दे तय करना है। हालांकि, विपक्षी दलों की इस बैठक पर जेडीयू भड़क गई है। पार्टी नेता केसी त्यागी ने कहा है कि इस बैठक में जेडीयू को बुलाकर सोनिया गांधी पार्टी में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।
दरअसल, नीतीश कुमार की अगुआई वाले जेडीयू को इस बैठक के लिए न्योता नहीं मिला है। नीतीश तो महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने असंतुष्ट जेडीयू नेता शरद यादव के प्रति नर्मी दिखाते हुए उनको बैठक में आने न्योता भेजा है। शरद यादव ने इन दिनों बागी तेवर अपना लिए हैं। शरद ने गुरुवार को नीतीश के बीजेपी गठबंधन के साथ जाने के फैसले का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि नए गठबंधन की वजह से लोगों का भरोसा टूटा है।उनका कहना है कि पुराने गठबंधन के टूटने के मुद्दे पर वह लोगों से बात करेंगे और आगे का रास्ता तय करेंगे। शरद यादव द्वारा जेडीयू से अलग होकर नई पार्टी बनाए जाने की भी अटकलें हैं।
विपक्षी दलों की मीटिंग के लिए उन पार्टियों को न्योता दिया गया है, जो राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में एकजुट नजर आए थे। कांग्रेस की टॉप लीडरशिप के अलावा तृणमूल, लेफ्ट, आरजेडी, बीएसपी, एसपी, डीएमके, आरएसपी, आईयूएमएल, जेएमएम, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी, एआईयूडीएफ के प्रतिनिधियों के इस बैठक में पहुंचने की उम्मीद है। इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के पहुंचने की भी उम्मीद है।
माना जा रहा है विपक्षी दलों की बैठक में कथित तौर पर बढ़ते सांप्रदायिक तनाव, जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, लोकतांत्रिक संस्थाओं के कथित तौर पर घटते कद जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। कुछ नेता सभी दलों के बीच तालमेल के लिए एक सिस्टम बनाने का प्रस्ताव भी दे सकते हैं। सारी कवायद 2019 आम चुनाव के मद्देनजर बीजेपी विरोधी गठबंधन को खड़ा करना है। बता दें कि नीतीश के बीजेपी के पाले में जाने की वजह से विपक्षी एकजुटता को तगड़ा झटका दिखा था।