मोदी सरकार को घेरने वाला कांग्रेस का दस्तावेज लीक हुआ

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नई दिल्ली =संसद के मॉनसून सत्र में केंद्र की मोदी सरकार को विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश के बीच कांग्रेस का एक दस्तावेज मीडिया में सार्वजनिक हो गया है। इसमें उन सभी मुद्दों का बिंदुवार जिक्र है, जिसके जरिए कांग्रेस केंद्र सरकार को निशाने पर लेने वाली थी। यह दस्तावेज कैसे लीक हुआ, इसका तो फिलहाल पता नहीं चल सका है। हालांकि, लीक की वजह से हुई किरकिरी के बाद पार्टी नेताओं ने मीडिया में आकर सफाई देने की कोशिश की है।
30 से ज्यादा पेज के इस दस्तावेज को कांग्रेस का इंटरनल डॉजियर बताया जा रहा है। इसमें गुजरात में जीका फैलाने वाले मच्छरों से लेकर अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों का जिक्र है। दस्तावेज का शीर्षक है-KEY ISSUES TO RAISE IN PARLIAMENT, MONSOON SESSION 2017. इसमें लिखा हुआ है कि कांग्रेस के सांसद दस्तावेज में बिंदुवार बताए गए मुद्दों के जरिए सरकार को घेर सकते हैं। इसमें मुद्दों में अखलाक से लेकर जुनैद तक से जुड़े मॉब लिन्चिंग केस, सहारनपुर हिंसा, एमपी में किसानों की मौत, पशु हत्या पर प्रभाशाली बैन, गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा, डोकलाम में चीन के साथ जारी टकराव, सीमा पर पाकिस्तान से निपटने में कथित अक्षमता, आधार का मुद्दा, जीएसटी और नोटबंदी का असर, नई नौकरियां पैदा करने के मामले में बीजेपी की कथित नाकामी, गुजरात में मच्छरों द्वारा जीका वायरस के प्रसार के केस आदि शामिल हैं।
बीजेपी ने इस दस्तावेज को समाज का बांटने वाला करार दिया है। बका कहना है कि कांग्रेस की सूची में समाज को ध्रुवीकरण के जरिए बांटने वाले मुद्दे मसलन- मॉब लिंचिंग, गोरक्षा के नाम पर हिंसा और पशु हत्या आदि को नौकरियों में कमी, जीएसटी के असर जैसे अहम मुद्दों से ऊपर रखा गया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि यह दस्तावेज देश की तरक्की की रफ्तार को धीमी करने की साजिश है। वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे दस्तावेज को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। सुरजेवाला ने कहा, ‘बीजेपी की तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने और मुद्दों से भागने की आदत है। हम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाना और उनके लिए लड़ना जारी रखेंगे।’