मां -बाप के बीच फंसा है बेटे का इस्तीफ़ा

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नई दिल्ली =बिहार की राजनीति में रोजाना नए मोड़ आ रहे हैं। बेनामी सम्पत्ति के मामले में जांच के बाद महागठबंधन के बने रहने पर संकट के बादल भी छा रहे हैं। तेजस्वी यादव को सरकार से हटाने के मामले पर अब दोनों दल आमने-सामने हैं। इस बीच अंगरेजी न्यूज़ चैनल टाइम्स नाउ के सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि लालू प्रसाद यादव चाहते हैं कि तेजस्वी यादव इस्तीफा दें, लेकिन राबड़ी देवी तेजस्वी के इस्तीफे के पूरी तरह खिलाफ हैं।
शनिवार को भी पर्दे के पीछे तमाम सियासी कोशिशों के बावजूद इस मसले पर कोई हल नहीं हो सका है। खबरों के मुताबिक लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के बीच बातचीत तक बंद हो गई है। इसके बाद आरजेडी ने इस मामले को लेकर अपनी पार्टी के विधायकों की मीटिंग बुलाई। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में ज्यादातर लोगों ने लालू के किसी भी फैसले का समर्थन करने की बात कही।
दूसरी तरफ महागठबंधन का तीसरा अहम दल कांग्रेस लालू और नीतीश की बात कराने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस का मानना है कि यदि दोनों नेता 5 मिनट के लिए भी बैठकर एक बार बात कर लेंगे तो समस्या का हल निकल जाएगा। वहीं आरजेडी-जेडीयू के बीच तनाव तब और सार्वजनिक तौर पर सामने आया जब एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी मेंडिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद नहीं आए। कार्यक्रम में उनकी कुर्सी और टेबल पर उनकी नेमप्लेट भी लगी हुई थी। बाद में उनकी नेमप्लेट को हटा दिया गया। पिछले 7 दिनों में तेजस्वी यादव अपने सरकारी ऑफिस भी नहीं गए हैं।

Patna-Oct.9,2010-RJD Chief Laloo Prasad is addressing an election meeting with her wife Rabri Devi and son Tarun Yadav alias Tejasvi Yadav at Sonepur in Saran district. Photo by – Sonu Kishan.
बिहार में जारी इस सियासी संकट पर जेडीयू, आरजेडी सहित कांग्रेस के नेताओं को भी बेचैनी है। सभी नेता इस विवाद का जल्द से जल्द निपटारा चाहते हैं। जेडीयू के एक सीनियर नेता ने कहा कि हल क्या है यह उनकी पार्टी की ओर से साफ कर दिया गया है। यह कब होगा यह आरजेडी को तय करना है। हालांकि दोनों नेताओं ने संकेत दिया कि अब कभी भी हल सामने आ जाएगा। गौरतलब है कि 243 सदस्यीय विधानसभा में आरजेडी के सबसे ज्यादा 80 विधायक हैं। जेडीयू के 71 विधायक जबकि कांग्रेस के 27 विधायक हैं। बीजेपी के पास 53 विधायक हैं।