यूपी विधानसभा में विस्फोटक: योगी को आतंकी साजिश की आशंका,

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लखनऊ =यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के अंदर विस्फोटक मिलने की घटना के पीछे आतंकी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि इस घटना की एनआईए जांच होनी चाहिए। विधानसभा में इस मुद्दे पर सदन को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बुधवार को साफ-सफाई के दौरान सदन के अंदर 150 ग्राम पीईटीएन पाया गया था जो बेहद खतरनाक विस्फोटक है।
योगी ने बताया कि 500 ग्राम पीईटीएनपूरे विधानसभा भवन को उड़ाया जा सकता है। घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने कहा कि किसी को ‘खुश’ करने के लिए सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बीच UAPA की धारा -16, 18, 20 और IPC की धारा 120 (B) और 121 (A) और एक्सप्लोसिव ऐक्ट के तहत अज्ञात के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है।
योगी ने सदन में कहा, ‘बुधवार को साफ-सफाई के लिए जब कर्मी आए, तब यह सामग्री मिली थी। यह एक खतकनाक विस्फोटक है। विस्फोटक की मात्रा कम थी, 150 ग्राम। इस पूरे भवन को उड़ाने के लिए 500 ग्राम पीईटीएन पर्याप्त है। आखिर कौन लोग उसे लेकर आए है, सवाल यह उठता है। अगर हम जनप्रतिनिधियों को कोई विशेषाधिकार दिया गया है कि तो क् या हम किसी को भी सुरक्षा से खिलवाड़ की छूट दे देंगे। हम लोग अब तक बाहर की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे, पर आज अपनी सुरक्षा पर चर्चा कर रहे हैं।’
योगी ने कहा, ‘जब मैं पहली बार इस सदन में आया था, तभी यह देख कर चिंतित था कि कोई भी फोटोग्राफी के लिए अंदर आ जाता था। यह खतरनाक प्रवृत्ति है। सुरक्षा कर्मियों का वेरिफिकेशन होना चाहिए। कोई भी व्यक्ति जब अंदर आए तो उसकी जांच होनी चाहिए। हमने कुछ व्यवस्थाएं बदलीं भी हैं। क्या हम किसी को खुश करने के लिए, किसी को तुष्ट करने के लिए इतनी छूट दे देंगे कि वह विधायकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करे। इस संबंध में सुरक्षा के निर्देश जारी होने चाहिए।’
सीएम ने कहा कि इस विस्फोटक के बारे में सामान्य रूप से पता नहीं लगाया जा सकता है, जब तक कि फिजिकली चेक न किया जाए। उन्होंने कहा, ‘डॉग स्क्वॉड भी इसका पता नहीं लगा पाया क्योंकि उसमें कोई खुशबू या बदबू नहीं होती। यह एक खतरनाक आतंकी साजिश को अंजाम देने का हिस्सा है। मेरी अनुरोध होगा कि सभी कर्मी जो यहां काम करते हैं, उनका पुलिस वेरिफिकेशन हो जाए और एनआईए इसकी जांच करें। हम इस संबंध में अनुरोध करेंगे। यह प्रदेश के 22 करोड़ लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। यह खिलावाड़ है सुरक्षा के साथ। जिसने भी यह काम किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।’
योगी ने कहा, ‘जब हम एयरपोर्ट पर जाते हैं तो यह नहीं कह सकते कि जांच नहीं करावाएंगे, तो अगर विधानसभा भवन के अंदर हम आ रहे हैं तो सुरक्षा जांच में संकोच नहीं करना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय आज हमें खुद की सुरक्षा में सेंध पर चर्चा करनी पड़ रही है।’
योगी ने सभी विधायकों से अपील की है कि वे सदन के अंदर मोबाइल लेकर न आएं, या अगर लेकर आएं तो उसे साइलंट मोड पर रखें, क्योंकि इससे कार्यवाही के दौरान व्यवधान पैदा होता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंदर बैग रखने की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि उसमें मोबाइल और अन्य चीजें बाहर ही छोड़ी जा सकें। योगी ने यह भी कहा कि विधानसभा परिसर में बिना पास के वाहनों की एंट्री बंद होनी चाहिए। अगर कोई आ रहा है, तो जांच होनी चाहिए कि वह व्यक्ति कौन है। एक यूनिफॉर्म सिक्यॉरिटी सिस्टम होना चाहिए। योगी के संबोधन के बाद विधानसभा स्पीकर हृदयनारायण दीक्षित ने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा के नए सिरे से समीक्षा कर उसमें बदलाव के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बीच विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘इतनी जल्दी किसी सरकार को नाकाम होते नहीं देखा। अगर नेता विपक्ष की सीट के नीचे विस्फोटक मिल सकता है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या होगी।’