कभी भी बंद हो सकती है नेनो

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नई दिल्ली = भारत की दिग्गज आॅटो कंपनी टाटा मोटर्स दुनिया की सबसे सस्ती और रतन टाटा की ड्रीम कार ‘नैनो’ के प्रॉडक्शन को बंद कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कई लोगों की पसंद बनी इस छोटी कार की घरेलू बाजार में जल्द ही बिक्री बंद की जा सकती है। हालांकि, यह कार एक्सपोर्ट के लिए अवेलेबल रहेगी।
खबर है कि टाटा नैनो की बिक्री में कमी और इसके उत्पादन खर्च में बढ़ोत्तरी ही इसके बंद होने की वजह बनने वाली है। 2008 में लॉन्च की गई यह कार रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट थी। लॉन्चिंग के साथ ही यह कार ग्लोबल सेंसेशन बन गई थी क्योंकि किसी अन्य कार कंपनी ने इतनी कम लागत में कार बनाकर मुनाफा नहीं कमाया था।
टाटा नैनो की शुरुआत में ही प्रॉब्लम हुई थी, जब किसानों के विरोध के चलते पश्चिम बंगाल के सिंगूर में प्लांट लगाने की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद टाटा को गुजरात में प्लांट लगाना पड़ा था। सोर्सेज की मानें तो टाटा नैनो को BS-IV, क्रैश टेस्ट के हिसाब से तकनीक अपग्रेड करने के लिए काफी निवेश की जरूरत थी। लेकिन इस कार की बिक्री को देखते हुए टाटा पैर पीछे खींचने की तैयारी कर चुकी है।

टाटा को प्रोडक्शन मैनेज करने के लिए प्रति वर्ष 2,50,000 नैनो कारें बेचनी हैं लेकिन बिक्री इसके मुकाबले कहीं कम है। आॅटोकार इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ने अक्टूबर 2015 और सितंबर 2016 के बीच महज 14,150 कारें ही बेचीं, जो कि कुल टार्गेट का दसवां हिस्सा भी नहीं है। पिछले साल जून में कंपनी की महज 481 कारें ही बिकी थी।
नैनो प्रॉजेक्टस से कंपनी को 6,400 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। ऐसे में सस्ती कार के ख्वाब देखने वाले ग्राहकों के लिए जल्द ही बुरी खबर आ सकती है।