जानिए आखिर गांव के घरों में वास्तु दोष का प्रभाव/असर क्यों नहीं होता ?

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अनिल कुमार वर्मा-
इसके कुछ तार्किक कारण जो यहां प्रस्तुत हैं जिनके कारण गाँव में वास्तु का असर नहीं होता—-
1गांव में जमीन की कमी नहीं होती, इस लिए नेगेटिव ऊर्जा पैदा करने के स्रोत जैसे टॉयलेट, सेप्टिक आदि अक्सर, या तो होते ही नहीं या होते हैं तो घर से थोड़ा दूर होते हैं!
2 ज्यादातर लोग सुबह की धूप लेने के उद्देश्य से पूर्व मुखी घर बनाना पसंद करते है जिसके कारण NE याने ईशान कोण दूषित नहीं हो पाता और अक्सर अनजाने मेंही किचिन SE में बन जाता है।
3 हर घर के मध्य आंगन होता है जिसके बीचों बीच तुलसी का पौधा जो कि ब्रम्हांड से कॉस्मिक ऊर्जा को लाकर घर मे एक शुभ वातावरण का निर्णाण कर देता है।
4 घर के फर्श पर गाय के गोबर से लीपन होता है जो कि अतिरिक्त शुभता देता है।
5 कच्ची(मिट्टी की)मोटी दीवारें सूर्य के ताप को घर के अंदर आने से रोक देती है। लोग बिना AC के आराम से गर्मियां बिता लेते हैं।
6 दीवालों पर गोबर की जो पुताई की जाती है वो काफी हद तक अल्ट्रा वायलेट किरणों के रेडिएशन को रोक देती हैं। गोबर की यह प्रॉपर्टी वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुकी है।
7 घर में पली गाय भी शुभता देती है।