अपना भाग्य सवारने मुंबई कांग्रेस अब वास्तु की शरण में

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, मुंबई =हर जगह हार का सामना करने वाली कांग्रेस अपना बिगड़ा भाग्य संवारने में जुटी है। पार्टी अब वास्तु शास्त्र के सहारे अपना भाग्य सुधारने की कोशिश कर रही है। इसके उदाहरण देखने को मिल रहे हैं मुबंई रीजनल कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में। आजाद मैदान पर स्थित राजीव गांधी भवन स्थित इस दफ्तर में संजय निरूपम और अन्य लोग अब सूरज की तरफ चेहरा किए बैठे नजर आ रहे हैं।
मुंबई मिरर में उनके संवाददाता चैतन्य मारपावकर की खबर के मुताबिक पार्टी से जुड़े एक कार्यकर्ता ने बताया किदफ्तर में वास्तु के हिसाब से कुछ बदलाव किए गए हैं। कार्यकर्ता ने बताया, ‘बैठने की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। पहले संजय निरूपम जी दक्षिण की ओर चेहरा कर बैठा करते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत उनका चेहरा पूर्व की ओर रहता है। जाहिर-सी बात है कि इससे पार्टी का भाग्य सुधरेगा। बहरहाल, अब बहुत देर हो चुकी है, यह काम बहुत पहले ही किया जाना चाहिए था।’
दफ्तर में बैठने की व्यवस्था के अलावा कई अन्य बदलाव किए गए हैं। वास्तु शास्त्र को ध्यान में रखते हुए हेडक्वॉर्टर के मुख्य द्वार की दिशा भी बदली गई है। इसके अलावा, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के केबिनों को फिर डिजाइन किया गया है और जगह बदली गई है।
इधर संजय निरूपम ने बताया कि वह वास्तु में विश्वास नहीं रखते थे, ‘लेकिन अगर इससे मदद मिलती है, तो अच्छी बात है’। उन्होंने आगे कहा कि दफ्तर की सजावट का काम भी दोबारा किया गया है। निरूपम ने बताया कि दफ्तर के फ़र्निचर पुराने हो गए थे और बहुत जगह घेरते थे। कोई कार्यक्रम होता था तो दफ्तर का मुख्य द्वार भी ब्लॉक हो जाता था, इसी वजह से फ़र्निचर बदल दिए गए हैं। वह बोले, ‘मेरे चैंबर में भी काफी बदलाव किए गए हैं, सभी बदलाव जगह के उचित उपयोग को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।’
कई पार्टी नेताओं को नई व्यवस्था पसंद नहीं आ रही। नाम न जाहिर करने की शर्त पर कई नेताओं ने यह बात कही। मुंबई कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने कहा, ‘पार्टी नेतृत्व को कई मूलभूत बदलाव करने चाहिए। पूर्ण पुनर्विचार का वक्त आ गया है, पंडितों-संतों और वास्तु का सहारा लेने से कुछ हासिल नहीं होगा जब तक असल बदलाव नहीं किए जाते।’