सावन के पहले चिकन खाने माँगी एक हफ्ते की छुट्टी

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नागपुर =छुट्टियां लेना सभी कर्मचारियों का अधिकार होता है। चाहे वह प्राइवेट सेक्टर में हो या गवर्नमेंट सेक्टर में। कर्मचारी इस अधिकार का इस्तेमाल भी खूब करते हैं। ऐसे में यदि छुट्टी लेने का कोई जरूरी कारण न हो तो कुछ लोग गंभीर कारण बताकर छुट्टी लेने का तरीका भी अपनाते हैं। ऐसा ही एक मामला दिनों साउथ-ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सामने है। जहां कर्मचारियों ने छुट्टी इसलिए मांगी है ताकि वे श्रावण शुरु होने से पहले चिकन खा सकें। कमाल की बात यह है कि उन्हें छुट्टी सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि पूरे एक हफ्ते की चाहिए।
महाराष्ट्र टाइम्स की खबर के मुताबिक साउथ-ईस्ट सेंट्रल रेलवे के एक कर्मचारी की छुट्टी यह आवेदन मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया ।आवेदन में निवेदन करने वाले कर्मचारी का नाम पंकजराज गोंड है। बताया जा रहा है कि पंकज साउथ-ईस्ट सेंट्रल रेलवे के बिलासपुर डिविजन के दीपाका में टीए-2 के तौर पर काम करते हैं। 17 जून को उन्होंने दीपाका के स्टेशन मास्टर को संबोधित करते हुए यह आवेदन लिखा । कर्मचारी ने लिखा, ‘जल्द ही श्रावण का महीना शुरू होने वाला है। इसलिए मैं एक महीने के चिकन नहीं खा सकूंगा। ऐसे में मैं चिकन खाना चाहता हूं और मुझे उसके लिए 7 दिनों की छुट्टी चाहिए।’ पंकज ने 20 जून से 27 जून तक की छुट्टी मांगी है।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण बारिश का महीना है और आम तौर पर जुलाई के बीच से शुरु होकर अगस्त के बीच तक रहता है। ज्यादातर हिंदू इस दौरान नॉन वेज खाने से परहेज करते हैं। छुट्टी का अवेदन देने वाले पंकजराज का इस बात से डरे हुए हैं कि यदि वह एक महीने तक चिकन नहीं खाएंगे तो वह कमजोर हो जाएंगे और इसका असर उनके काम पर भी पड़ेगा। ऐसे में उन्होंने अपने आवेदन में इस बात पर जोर दिया है कि भविष्य में कमजोरी से बचने के लिए उन्हें आठ दिनों तक लगातार चिकन खाना ही पड़ेगा।
हालांकि अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि पंकज को छुट्टी मिल गई है या नहीं। हालांकि पंकज के आवेदन पर स्टेशन मास्टर के हस्ताक्षर और मुहर लगी है। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए जब रेलवे के नागपुर रीजनल अथॉरिटीज से सम्पर्क किया गया तो वे इस बारे अधिक जानकारी नहीं दे सके। इस आईदान की सत्यता जांचने के लिए जब बिलासपुर डिविजन से सम्पर्क किया गया तो उनसे भी कोई जानकारी नहीं मिली।