एक सौतेली माँ ऐसी भी

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, कोलकाता =यह कहानी एक ऐसी महिला की है जो अपने सौतेले बेटे को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा देती है। कहानी की शुरुआत 1998 से होती है जब बीवी की मौत के बाद 8 साल के बच्चे के पिता प्रदीप कुमार रॉय ज्योतिरानी रॉय से शादी करते हैं। ज्योति पहली नजर में ही बच्चे को अपना बच्चा मान लेती हैं। उसके बाद से सौतेले बेटे सुदीप रॉय से ज्योति की ममता कम नहीं हुई।
प्रदीप और ज्योति के इकलौते बेटे की शादी 2011 में होती है लेकिन उसके बाद उनके जीवन में सुख कम और दुख ज्यादा हो जाते हैं। बेटा और बहू अपने माता-पिता पर पैसे के लिए दबाव बनाते रहते हैं। एक समय प्रदीप अपने बेटे को बिजनस शुरू करने के लिए 25 लाख दे भी देते हैं लेकिन वह उन्हें डूबा देता है और फिर पैसे की मांग करने लगता है।
बेटे से तंग आकर प्रदीप आत्महत्या कर लेते हैं। जब ज्योति को अपने पति का सूइसाइड नोट मिलता है तो वह उसे छिपा लेती हैं जिससे बेटे पर कोई आंच न आए, क्योंकि उन्हें पता होता है कि अगर पुलिस को सूइसाइड नोट मिल गया तो उनका बेटे और बहू को जेल हो जाएगी।
ऐड समय में उनके संवाददाता अमित चक्रवती की खबर के मुताबिक हैरान करने वाली बात तो यह है कि वह बेटे और बहू को बचाते हुए सारे आरोप खुद पर ले लेती हैं। बेटे के आरोपों के बाद पुलिस भी ज्योति को आरोपी मानते हुए कार्रवाई शुरू कर देती है। लेकिन गहराई से जांच करने पर पुलिस को सच्चाई का पता चलता है और वह सूइसाइड नोट भी बरामद कर लेते हैं। फरेंसिक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि नोट में हैंडराइटिंग प्रदीप की ही थी।
आखिर में सुदीप रॉय और उनकी पत्नी गिरफ्तार होते हैं लेकिन ज्योति अभी भी नहीं चाहतीं कि उनका बेटा जेल में रहे। बेटे को जल्दी जेल से बाहर निकालने के लिए ज्योति ने वकील का इंतजमा कर लिया है।
फोटो प्रतीकात्मक है