हार्ट अटैक से क्या बचाव सम्भव है?

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डाक्टर अनिल गुप्ता

आप अपने आस पास देखें तो एक न एक ह्रदयाघात के मरीज को जरूर पायेंगे। ह्रदयाघात से क्या आप बचाव कर सकते हैं?इसका सीधा सादा उत्तर है “हाँ”हृदयाघात आपके अंदर पड़े जीन के कारण होता है। आप इस जीन को अपनी लापरवाही से खुराक देते है, फिर ऐ राक्षस देता है आपको हार्ट अटैक।
अब जानिए इस राक्षस को आप कैसे बढ़ाते हो।
1. धूम्रपान तम्बाकू किसी भी रूप में अगर आप लेते है तो आपको हार्ट अटैक आने के चांस धूम्रपान न करने वाले से करीब 5 गुना बढ़ोतरीज्यादा होते है। यह रिस्क बाजार में चल रहे गुटके के साथ ओर भी ज्यादा बढ़ जाती है। याद रखे यदि आप को तम्बाखू की लत लगी हुई है तो उसे तुरंत छोड़े। जब भी आप नशे से दूर होंगे हार्ट अटैक से भी दूरी बढ़ेगी। याद रखे सिगरेट का एक कस तम्बाखू की एक पत्ति ओर यहां तक कि अगर कोई आपके सामने बैठ कर् सिगरेट पी रहा है तो उसका धुँआ भी आपको नुकसान पहुंचाता है।

2.व्यायाम आप अपने शरीर को जितना आराम दोगे वो आपको उतना कष्ट देगा। अगर आप बिल्कुल व्यायाम नही करते तो आप आम जनता से 3 गुना ज्यादा रिस्क पर हो। स्वस्थ ह्रदय के लिए आपको हफ्ते में 7 दिन साल में 365 दिन कम से कम 30 मिनिट अपने शरीर को देना चाहिए। पैदल चलना, दौड़ना तैरना या साइकल चलना बढिया व्यायाम है अगर आप इसे मसल बिल्डिंग व्यायाम ( डम्बल/ जिम) के साथ जोड़ते हो ऐ सोने पर सुहागे का काम करेगी।

3. हाई ब्लड प्रेशर अगर आप ब्लड प्रेशर के मरीज हो तो अच्छे चाँस हैं कि आप जल्द ह्रदयाघात के मरीज बनोगे। इसलिये आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें। समय समय पर अपने चिकित्सक को दिखाते रहे।

4. डायबिटीज आपकी बढ़ी हुई शक्कर आपकी ह्रदय की धमनियों को धीरे धीरे नुकसान पहुंचा ती है। आप अपनी सुगर को कंट्रोल में रखें आप अपने ह्रदय को बचा पाएंगे। अगर आपकी सुगर गोलियों से कन्ट्रोल नही आ रही है तो इंसुलिन लगवाने से परहेज न करें।

5. खान पान ओर डिसलिपिडीमिया हमारी आदत हो गई है चिकनाई भरे खाने की। घी से तर रोटी न हो तो रोटी गले के नीचे उतरती नही। उबले चांवल की जगह फ्राई चावल चाहिए अगर फ्राई नही है तो घी तो डालना ही चाहिए। दाल फ्राई नही होगी तो बच्चे भी नही खाते। जितनी चिकनाई खाओगे उतना खून में कोलैस्ट्रॉल ओर फेट बढ़ेगी। चलते हो नही ओर खाते सौंट के हो समझलो आपके बुरे दिन नजदीक आ रहे है। अपना लिपिड प्रोफ़ाइल देखें पहला काम करे कि खानपान पर कंट्रोल करें और अगर फिर भी कोलैस्ट्रॉल बढ़ा है तो चिकित्सक को दिखा कर उसे दवा के द्वारा कन्ट्रोल करें।
एक ओर बात हमेशा लोग पूंछते है कि तेल कौनसा उपयोग में लाएं?
उत्तर है जिसमे अनसैचुरेटेड फैटी एसिड ज्यादा हों और सेचुरेटेड फैटी एसिड कम हों। इस लिहाज से जैतून के तेल सबसे बेहतर और नारियल का तेल सबसे बुरा होता है। एक बात और आए रिफाइंड , डबल रिफाइंड या ओर भी फिल्टर तेल सब मिथ्या है इनसे कुछ फ़र्क़ नही पड़ता।
एक बात और याद रखें एक ही तेल में बार बार फ्राई न करे। बार बार गर्म करके आप तेल में ऐसे तत्व बना देते हो जो धमनी में कोलैस्ट्रॉल जमा करने की प्रक्रिया को बढ़ा देता है।

6. आपका वजन आप अपने वजन को कंट्रोल में रखें आपका बॉडी मॉस इंडेक्स 25 किलो प्रति वर्ग मीटर से कम होना चाहिए। एक ओर इंडेक्स है कमर का नाप जो पुरुष में 40 इंच ओर महिलाओं में 34 इंच से कम होना चाहिए।

7. चिंता और डिप्रेशन आपका मानसिक तनाव शरीर मैं ऐसे तत्व उतपन्न करते है जो एथेरोस्केरोसिस की प्रक्रिया को तेज कर् देते है। इसलिए हर हाल में खुश रहना सीखें। ऊपर वाले पर विश्वास करें वो आपके दिमाग को शांति जरूर देगा।

8. ओर आखिर में सबसे बड़ा मिथ्क अल्कोहल। दारू बनाने वाली कम्पनियों ने इतना पैसा खर्च किया है कि लोगों के दिमाग मे बैठ गया है कि अल्कोहल हार्ट के लिए अच्छी होती है। हाँ यह सच है पर तब जब अल्कोहल को दवा के रूप में लिया जाए न कि दारू के रूप में। दवा होती है 15 ML न कि दो पेग।

अगर आप चाहते है एक बेहतर लम्बी जिंदगी जीना तो आज से ही अपनी जीवन शैली बदलें। 84% लोग जिन्हें हार्ट अटैक आता है इनमे से कोई न कोई रिस्क फेक्टर अपने ऊपर ढोते है। कोशिश करे और याद रखें एथेरोस्केरोसिस एक रिवर्सिबल बीमारी है। यानी अगर मेहनत की जाए तो आपकी धमनियों से कोलेस्ट्रॉल निकल सकता है। नई धमनी बन सकती है या ब्लॉक धमनी आपकी मेहनत से बाईपास हो सकती है।

डाक्टर अनिल गुप्ता के ब्लॉग से साभार