लालू की अघोषित संपत्ति 11 सालो में 46 लाख से बढ़कर 1000 करोड हो गयी

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पटना =बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘बेचारा’ मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि सरकार में बने रहने के लिए वह लालू प्रसाद के बेटों तेजस्वी प्रसाद यादव और तेजप्रताप यादव की बेनामी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने यहां कहा कि नीतीश कुमार आरजेडी के साथ साझा सरकार चला रहे हैं। इस कारण स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की बेनामी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करने में न केवल बेचारा साबित हो रहे हैं, बल्कि उनका बचाव भी कर रहे हैं।
सुशील मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद की 2006 में अघोषित 46 लाख की संपत्ति 10 वर्षों में बढ़कर 1000 करोड़ रुपये की हो गई है, मगर राज्य सरकार उसे जब्त करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। उन्होंने हालांकि नीतीश कुमार की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि जब सीबीआई ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर लालू प्रसाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती नहीं दी थी, तो यही नीतीश कुमार हैं, जिन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन आज उनकी प्राथकिता बदल गई है।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद ने केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर अपने प्रभुत्व का लाभ उठाकर आयकर अपीलीय प्राधिकार और सीबीआई की विशेष अदालत के विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) और जज तक को बदलवा लिया था और मनोनुकूल लोगों को इन पदों पर मनोनीत कराकर मामला खारिज करा लिया था। मोदी ने सवालिया लहजे में कहा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम 2009 के तहत भ्रष्टाचारियों की संपत्ति जब्त कर लालू प्रसाद के दोनों मंत्री पुत्रों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर बिहार की छवि खराब करने वाले इन दोनों मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करेंगे?