क्या करे यदि नजर लग जाए तो

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– पंडित दयानंद शास्त्री –

नजर लगना एक बहुत बड़ा दोष माना जाता है | जब कभी कोई व्यक्ति किसी की उन्नति वा भाग्य को देखकर ईर्ष्या करता है वा ईर्ष्या के वशीभूत कुछ गलत कह दे तो उसे नज़र लग सकती है | कई बार देखा गया है की नज़र के कारण अच्छा बाला व्यवसाय अचानक रुक जाता है नहीं तो अनेक प्रकार की परेशानिया आती रहती है जेसे बच्चे या बड़े दोनों को ही नज़र लग सकती है जिससे वह बीमार पड़ जाते है यदि आप भी इन में से किसी भी परेशानी का सामना कर रहे है तो आप घर बेठे ही अपना उपचार कर सकते है |
अक्सर सुनने में आता है कि किसी ने किसी दूसरे पर टोना कर दिया है, जिससे उसका कोई भी काम ठीक नहीं होता और दुर्भाग्य बार-बार आड़े आ जाता है। इसी प्रकार कभी हम महसूस करते हैं कि पूरी मेहनत के पश्चात भी हमें कार्य में सफलता नहीं मिल रही – कारण कि किसी ने हमारे व्यवसाय को बांध दिया है। बंधन के फलस्वरूप या तो व्यवसाय नहीं होता या फिर व्यवसाय होते हुए भी अंततः हानि ही हाथ आती है। यहां तक कि इस प्रकार का माहौल बन जाता है कि हमें वह व्यवसाय छोड़ना ही पड़ जाता है। कभी किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य ऐसे बिगड़ जाता है कि सभी दवाइयां निष्प्रभावी हो जाती हैं।
आज भी नजर दोष
पति पत्नी की अनबन दुकान घर मे लगी नजर आदि के काम आता है। जो लोग शमशानी स्थानो के आसपास रहते है या जो महिलाये अधिकतर पर्दे मे रहती है,या जो लोग किसी न किसी कारण से मशहूर हो गये होते है,उन लोगो के लिये शैतानी आंख अनदेखे हथियार की तरह से मारने के काम आती है,महिलाओ मे सिरदर्द की बीमारी हो जाना,उल्टी आदि होने लगना,अनाप सनाप बकने लगना,
किसी को कुछ भी कहने लग जाना,अगर बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाये है तो उनके दूध का अचानक सूखने लग जाना,भूख नही लगना,हमेशा बुरे बुरे ख्याल आते रहना अचानक रोने का मन करना,कभी अचानक बिना बात के ही हंसी आजाना,किसी के गिरने पडने पर मजा आना,ऊंचे स्थान पर जाने के बाद नीचे कूद जाने का मन करना,खतरे से खेलने के लिये मन मे उतावलापन होना,
इसी प्रकार से दुकानदारी के चलते चलते अचानक बन्द हो जाना,ग्राहक का आना लेकिन कुछ समय बाद उसका मन बदल जाना और बिना कुछ खरीदे वापस चले जाना,खुद की दुकान से सस्ता सामान नही खरीदना अगल बगल वाली दुकान से महंगा सामान खरीद कर ले जाना,दुकान के सामने किसी न किसी प्रकार से गंदगी का होना,कुत्तो का अधिक आना जाना लग जाना,दुकान या व्यवसाय स्थान के गेट पर कुत्तो का पेशाब करने लग जाना,वाहन पर कुत्तों का पेशाब करने लग जाना,घर के अन्दर काली बिल्ली का रात को आना,छत पर बिल्लिया आपस में लडने लग जाना,अचानक बुखार का आना और अचानक ही उतर भी जाना,किसी अच्छे काम को शुरु करते ही किसी न किसी प्रकार की बाधा का आजाना ये तमाम लक्षण नजर लग जाने के ही होते है
क्या उपाय करें
नज़र जहा लग जाती है वहा असफलता ही प्राप्त होती रहती है जेसे कोई व्यापारिक प्रतिदुन्दी दूसरो को का नुकसान पहुचने के लिए कोई न कोई नुकसान पहुचने के लिए किसी की दुकान पर या व्यापारिक स्थल पर कोई टोटका कर देते है या उस पर नज़र लगाने का प्रयास करते है | उनके इस प्रयास से बचने के लिए शनिवार के दिन काले घोड़े की एक नाल लेकर उसे गंगाजल से शुद्ध करे और सिंदूर लगाये और फिर “ॐ हुं हनुमंते नमः” का जाप करते हुए वह नाल ‘U आकार में लगा दे अपने व्यापारिक या दुकान के मुख्य दुवार पर लगा दे इस मंत्र को एक माला यानि १०८ बार जापना है और इस मंत्र को रोज अपने कार्य स्थल पर एक माला जापना है आपको खुद ही अपने कार्य में प्रगति दिखेगी और आपका काम बानने लगेगे |यदि आपके घर पर दोष है तो यही कार्य आप अपने घर पर भी कर सकते है |
किसी व्यक्ति को नज़र लगी हो.क्या करे
कहते हैं कि नजरदोष या अन्य कोई व्याधा लग जाने पर आंख की निचली पलक भारी हो जाती है मानो वह सूज गई हो। प्रभावित व्यक्ति का कोई भी काम करने का मन नहीं करता। इससे मुक्ति के लिए अनेक प्रकार के उपाय सुझाए गए हैं, जिन्हें अपनाने से वर्णित कष्टों का निवारण हो सकता है।
– जो व्यक्ति नज़र दोष से पीड़ित है उसके लिए किसी भी शनिवार या मगलवार को राइ,लाल मिर्च,नमक एव चोराहे की मिटी लेकर उसे पीड़ित व्यक्ति के सिर के ऊपर से सात बार घुमाये वा इस दोरान मोन रहे और कोई टोके नहीं इस समस्त सामग्री को आग में ड़ाल दे |
– नजर लगे व्यक्ति के सिर के ऊपर से दूध तीन बार उतारकर कुते को पीला दे ऐसा करने से नज़र उतर जाती है |
– नज़र लगे व्यक्ति को प्रतिदिन हनुमान आराधना करनी चाहिए |
– नजर दोष से बच्चों को बचाने के लिये लाल रंग का धागा बच्चे के गले में होना जरूरी है ,अगर घर के अन्दर मछलियां रखीं जावें,या बच्चों के नाम मछली के नामों से सम्बन्धित रखे जावें,अथवा उनके गले में मछली को पकडने वाले कांटे का छल्ला बनाकर डाला जावे,अथवा जल से सम्बन्धित कोई चीज बच्चे के पास रहे जैसे कौडी शंख से बनी वस्तु सीप से पिलाया जाने वाला दूध,मोती आदि। तो बुरी नजर से बचा जा सकता है
– घर के बुजुर्ग व्यक्ति का जूता लेकर पीड़ित व्यक्ति के सिर से सात बार उतारे जुटे के टेल पर थूक लगाकर जमीन पर जोर से पटके जूता घुमाते समय “ॐ रां रहावे नमः” का जाप करते रहे |
— नजर दोष से पीड़ित व्यक्ति को अपने कक्ष के द्वार पर तीन चमत्कारिक गुटिकाएं लाल धागे में पिरोकर लटका देनी चाहिए। इन्हें ऐसे स्थान पर लटकाना चाहिए कि कक्ष में प्रवेश करते समय बाहरी व्यक्ति की दृष्टि उन पर अवश्य पड़े। नजर या तंत्र का प्रयोग किया गया हो, तो गुटिकाएं चटक जाती हैं या फट कर स्वयं गिर जाती हैं। ऐसा होने पर दूसरी गुटिकाएं फिर से लटकाएं। इससे व्यक्ति की बहुत सुरक्षा होती है। कार दुर्घटना आदि से बचाव के लिए भी ये गुटिकाएं कार में लगाकर यह प्रयोग कर सकते हैं।
– बार-बार धन हानि एवं चोरी की घटनाएं होती हों तो तिजोरी में दो कौड़ियां लाल वस्त्र में बांधकर शुक्रवार को रखें। जो व्यक्ति आपसे ईष्र्या करता हो, उसके सामने कुछ खाना पीना नहीं चाहिए अन्यथा खाना हजम नहीं होगा व स्वास्थ्य खराब हो जाएगा।
— नजर दोष से बचाव का सबसे कारगर उपाय हनुमान जी की पूजा आराधना है। शनिवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर उनके कंधों का सिंदूर लाकर नजर दोष से पीड़ित व्यक्ति के माथे पर लगा दें- दोष दूर हो जाएगा। साथ ही हनुमान बाण का पाठ करें- बहुत प्रभावी उपाय है। हनुमान जी के शरीर का सिंदूर, एक लाल मिर्च, लोहे की एक बड़ी कील और काले उड़द के थोड़े से दाने को सफेद वस्त्र में काले धागे से बांधंे, और फिर पोटली को बच्चे के पालने के ऊपर बांध दें। न तो किसी की नज़र लगेगी, न ही पिशाच बाधा सताएगी। हनुमान जी की पूर्ण कृपा बनी रहेगी।
– बच्चों को मोती चांद का लॉकेट एवं नजरबंद (काले-सफेद मोती) का ब्रेसलेट या करधनी धारण कराएं।
– पारद लॉकेट सभी बाधाओं को दूर करने में सक्षम है।
– नजर दोष निवारक यंत्र एवं नवदुर्गा यंत्र साथ रखें।
– पंचमुखी हनुमान का लॉकेट धारण करें या घर में अथवा व्यवसाय स्थल पर स्थापित करें।
– काले हकीक की माला पर क्क हं हनुमते नमः मंत्र का नियमित रूप से जप करें।
– मोर पंख से या सरसों के तेल की बत्ती से उतारा करें।
– नीबू को सिर से उतारकर चार टुकड़ों में काटकर चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें। यदि कोई नजर लगी हो या टोटका किया गया हो तो दोष दूर हो जाता है।
– नजर दोष से प्रभावित व्यक्ति के ऊपर चारों ओर से फिटकरी का टुकड़ा घुमाकर चूल्हे में डालने से नजर दोष समाप्त होता है।
– प्रवेश द्वार पर घोड़े का नाल लगाने से आगंतुकों की नजर नहीं लगती।
नमक, राई और लाल मिर्च अंगारे पर डालकर रोगी के ऊपर ग्यारह बार घुमाने से नजर दोष मिटता है।
– सोते समय सिर के नीचे चाकू रखने से डरावने स्वप्न नहीं आते।
– थोड़ी सी साबुत फिटकरी लेकर नजर लगी दूकान पर से 31 बार उसारें। फिर किसी चौराहे पर जाकर उसे उत्तर दिशा में फेंककर पीछे देखें बिना लौट जाएं। दूकान पर लगी नजर दूर हो जाएगी।
– थोड़ी सी राई, नमक, आटा और सात सुखी लाल मिर्च लेकर नजर दोष सक पिडि़त व्यक्ति के सिर पर से सात-बार घुमाकर आग में डाल दें। नजरदोष होने से मिर्च जलने पर गन्ध नहीं आएगी।
– घर के निकट वृक्ष की जड़ में शाम को थोड़ा सा कच्चा दूध डाल दें। फिर गुलाब की अगरबत्ती जलाएं। नजरदोष दूर हो जाएगा।
– मंगलवार को हनुमान मन्दिर जाकर हनुमान जी के कन्धे का सिंदूर लाकर लगाने से बुरी नजर का प्रभाव दूर हो जाता है।
– पुराने कपड़े की सात चिंदियों लेकर सिर पर से 21 बार उसारकर आग में जलाने से बच्चे को लगी नजर समाप्त हो जाती है।
– पीली कौड़ी में छेद करके बच्चे को पहनाने से उसे नजर नहीं लगती है।
– नए मकान की चौखट पर काले धागे द्वारा पीली कौड़ी बांधने से उस पर बुरी नजर नहीं लगती है।
– यदि ऐसा महसूस होता हो कि किसी ने आपका घर या व्यवसाय बांध दिया है, तो चार कीलें घर के अंदर चारों दिशाओं में ठोंक दें, बंधन से मुक्ति मिलेगी।
– जब कोई ग्राहक दुकान पर आए, तो कोई एक धागा तोड़कर अपनी सीट के नीचे दबाकर रखें, ग्राहक निश्चित रूप से खरीददारी करेगा। ग्राहक चला जाए, तो धागा निकालकर फेंक दें।
– घर या व्यवसाय स्थल के प्रवेश द्वार पर मयूर का चित्र लगाने से नजर नहीं लगती।
–जिस स्त्री या पुरुष पर आपको संदेह हो कि उसकी नजर बच्चे को लगी हैं , तो उसका हाथ बच्चे के सिर पर फिकवा दें | नजर उतर जाएगी |
-रविवार के दिन बच्चे के सिर से तीन बार दूध उतारकर मिट्टी के पात्र में भर दे और कुत्ते को पिला दें |
ऊपर वर्णित सभी दोषों का प्रभाव मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों पर अधिक पड़ता है। कुंडली में नीचस्थ चंद्र या राहु व शनि से ग्रस्त चंद्र होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर होता है और उस पर उक्त दोषों का प्रभाव अधिक पड़ता है। शिव व हनुमत आराधना करे
नजर लगाना एक वैज्ञानिक क्रिया है.
विज्ञान के अनुसार शरीर में विद्युत तरंगें होती है। इन विद्युत तरंगों से किसी प्रकार से बाधित होने पर शरीर लकवे का शिकार हो जाता है अत: शरीर की विद्युतीय तरंगता से नजर लगने का सीधा संबंध है। बड़ों की तुलना में बच्चों को अधिक नजर लगती है क्योंकि बच्चों का शरीर कोमल होता है तथा उनके शरीर में विद्युतीय क्षमता बड़ों की तुलना में कम होती है। यदि कोई बच्चों को एकटक देखता रहता है तो उसकी नजरों की ऊर्जा बच्चे की ऊर्जा को प्रभावित करती है जिसके कारण बच्चा अनमना या बीमार हो जाता है। कई बार देखा गया है की नज़र के कारण अच्छा बाला व्यवसाय अचानक रुक जाता है नहीं तो अनेक प्रकार की परेशानिया आती रहती है जेसे बच्चे या बड़े दोनों को ही नज़र लग सकती है जिससे वह बीमार पड़ जाते है भारतीय समाज में नजर लगना और लगाना एक बहु प्रचलित शब्द है। लगभग प्रत्येक परिवार में नजर दोष निवारण के उपाय किये जाते हैं। घरेलु महिलाओं का मानना है कि बच्चों को नजर अधिक लगती है। बच्चा यदि दूध पीना बंद कर दे तो भी यही कहा जाता है कि भला चंगा था, अचानक नजर लग गई। लेकिन क्या नजर सिर्फ बच्चों को ही लगती है? नहीं। यदि ऐसा ही हो तो फिर लोग ऐसा क्यों कहते हैं कि मेरे काम धंधे को नजर लग गई। नया कपड़ा, जेवर आदि कट-फट जाएँ, तो भी यही कहा जाता है कि किसी की नजर लग गई। हम सबकी कभी न कभी मुट्ठी भर नमक, तेल की बत्ती या डंडी वाली सूखी लाल मिर्च से नानी-दादी या माँ ने नजर जरूर उतारी होगी। ट्रकों के पीछे “बुरी नजर वाले तेरा मुँह काला” पढ़ने को मिल ही जाता है। नजर की कोई स्पष्ट परिभाषा तो नहीं है परंतु अनुभव के आधार पर कहा जा सकता है कि बुरी भावना या ईष्र्या की भावना से यदि कोई हमें या हमारी किसी सुन्दर वस्तु को देखता है तो स्वास्थ्य या उस वस्तु से संबंधित कष्ट होता है इसे ही नजर लगना कहते हैं। नजर सम्मोहन का नकारात्मक स्वरूप है।
क्या करा यदि प्राय नजर से बचने के लिए काला धागा पहनाने या काला टीका या काजल लगाने की परंपरा रही है। स्पष्ट है कि काला रंग नजर लगाने वाले की एकाग्रता को भंग कर देता है। तिलक लगाने और मंगल-सूत्र पहनने स्फटिक बनाने के पीछे यही भावना है। इसका भी वैज्ञानिक कारण है। विज्ञान भी यह मानता है कि काला रंग ऊष्मा का अवशोषक है। अत जब बच्चे को काला टीका या काला धागा बांधा जाता है तो वह किसी भी प्रकार की ऊष्मा बुरी नजर को बच्चों में प्रवेश नहीं करने देता तथा स्वयं ही अवशोषित कर लेता है। इसी वजह से बच्चों को नजर नहीं लगती।