नोट बंदी पर विपक्ष को मनाएगी सरकार

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नई दिल्ल =500 और 1000 के नोट बाजार से वापस लिए जाने की वजह से हर तरफ अफरातफरी का माहौल है। सरकार कड़ा रुख दिखाते हुए साफ कर चुकी है कि वह इस फैसले को वापस लेने के मूड में नहीं है। हालांकि, लोगों को हर रोज हो रही परेशानी के मद्देनजर विपक्ष के तीखे हमले के देखते हुए मोदी सरकार के रुख में थोड़ी नरमी नजर आ रही है। इस वजह से केंद्र नेसर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में सभी अहम पार्टियों के पहुंचने की उम्मीद है।
अधिकतर पार्टियां यह आरोप लगा रही हैं कि सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए समुचित तैयारियां नहीं कीं। इसी वजह से आम लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक में मोदी सरकार विपक्षी पार्टियों के सामने अपना पक्ष रखेगी। सरकार की तरफ से यह साफ करने की कोशिश की जाएगी कि किन परिस्थितियों में इतना बड़ा फैसला अचानक से लिया गया। यह भी बताया जाएगा कि आम लोगों की दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार कौन से नए कदम उठाने वाली है।
सोमवार को कांग्रेस की अगुवाई में टीएमसी, लेफ्ट, आरजेडी समेत कई विपक्षी दलों ने बैठक कर रणनीति पर चर्चा की। मंगलवार को भी दोपहर दो बजे के करीब सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियां एक बैठक करेंगी। इसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनेगी। कांग्रेस, टीएमसी, बीएसपी, जेडीयू, आरजेडी, समेत दस पार्टियां इस बैठक में शामिल होंगी और अपनी आगे की रणनीति तय करेंगी। वहीं, जेडीयू और लेफ्ट पार्टियों ने संसद ने सस्पेंशन नोटिस देकर सभी प्रस्तावित कामकाज रोककर नोटबंदी के मामले पर चर्चा की मांग की है। विपक्ष के हमलावर रुख को देखकर यह कहा जा सकता है कि संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार होने की पूरी उम्मीद है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में सत्ताधारी एनडीए की एक अहम बैठक सोमवार को हुई थी। अब मंगलवार को भी पीएमओ एक अन्य रिव्यू मीटिंग करेगा। वित्त मंत्रालय के सीनियर अधिकारी और आरबीआई के अफसर इस बैठक में शामिल होंगे। बता दें कि सरकार नोटबंदी से उपजे संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष की ओर से हंगामा मचाए जाने की आशंका और राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए बीजेपी ने अपनी तरफ से तैयारियां पूरी कर ली हैं।
लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि उनकी 90 पर्सेंट भारतीय का दैनिक जीवन कैश लेनदेन पर आधारित है। अगर आप इसे रोक रहे हैं तो आप अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। येचुरी ने विपक्ष का वह आरोप दोहराया, जिसके मुताबिक सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए पूरी तैयारियां नहीं कीं।
हालांकि, बीजेपी ने भी अपने बचाव में तीखी टिप्पणी की है। पार्टी प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘उनकी बौखलाहट समझ में आती है क्योंकि मायावती जी ने टिकटों के जरिए जो पैसा इकट्ठा किया था, अब वो सब खराब हो गया। अब उनको लगता है कि उनकी पराजय यूपी में निश्चित है। जिन लोगों ने भ्रष्टचार से धन अर्जित किया है, जिनके पास कालाधन है, उन पॉलिटिकल पार्टियों को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है, इसलिए एक गठबंधन भी बन रहा है। हिंदी का मुहावरा है, चोर चोर मौसेरे भाई। जहां पीएम मोदी इस देश से भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहते हैं। वहीं, भ्रष्टाचार समर्थक दल मोदी जी को समाप्त करने में लगे हुए हैं। जनता पीएम मोदी के साथ खड़ी है।’