एल आई सी से बेहद खुश है अरुण जेटली

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मुंबई =वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि अगर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (एलआईसी) को लिस्ट कराया जाता, तो वह सबसे कीमती कंपनी हो सकती थी। इसे इंश्योरेंस कंपनी को लिस्ट कराने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। केंद्र सरकार ने पिछले साल के बजट में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों लिस्ट कराने का इरादा जताया था। जेटली ने कहा, ‘अगर यह कंपनी (एलआईसी) स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होती, तो शायद सबसे अच्छी कंपनी होती।’
लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में एलआईसी की हिस्सेदारी 70 फीसदी है और इस सेक्टर में 16 साल के प्राइवेटाइजेशन के बावजूद इसकी पूंजी अंडर मैनेजमेंट 22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। वित्त मंत्री ने इसके लिए एलआईसी की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘मैं खुश हूं कि सरकार की कुछ वैसी कंपनियों का कॉम्पिटिटिव मार्केट में भी शानदार परफॉर्मेंस रहा, जिनका कभी मार्केट में एकाधिकार हुआ करता था। इसी कड़ी में एलआईसी अब भी मार्केट लीडर बनी हुई है।’
उनका कहना था कि सरकारी कंपनियों के सिस्टम की चुनौती के बावजूद एलआईसी ने मार्केट लीडर की पोजिशन बरकरार रखी है। उन्होंने कहा, ‘प्राइवेट सेक्टर मार्केट आधारित फैसले लेकर तुरंत बेहतर परफॉर्मेंस दे सकता है, लेकिन सरकारी कंपनियां कई तरह के प्रोसेस और रेग्युलेशन से बंधी होती हैं। लिहाजा, उनके कामकाज में चुनौती होती है।’
जेटली ने कहा कि देश की ग्रोथ स्टोरी में एलआईसी सबसे बड़ी इन्वेस्टर है और इसने इकॉनमी के अहम सेक्टरों में 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा का निवेश कर रखा है। वित्त मंत्री के मुताबिक, ‘सरकार को डिविडेंड देने के अलावा यह एलआईसी की एक और अनकही कहानी है।’ अर्न्स्ट ऐंड यंग में फाइनैंशल सर्विसेज के नैशनल हेड ए दीवानजी ने बताया, ‘अगर एलआईसी लिस्ट होती है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इसके पास देश का सबसे बड़ा मार्केट कैप होगा। शेयरों की कीमत निफ्टी की तर्ज पर होगी, क्योंकि इसकी कई ब्लूचिप कंपनियों में हिस्सेदारी है।’
इन्वेस्टमेंट प्रॉफिट, ब्रैंड वैल्यू, भरोसा और सॉल्वेंसी मार्जिन जैसे मानकों पर एलआईसी का रिटर्न कई सरकारी कंपनियों के मुकाबले बेहतर होगा। इंश्योरेंस ऐक्ट में संशोधन और जनरल इंश्योरेंस को पब्लिक इश्यू लाने की इजाजत के सरकार के फैसले से कम से कम 5 सरकार इकाइयां आईपीओ लाने की तैयारी में हैं, जिससे सरकार की तिजोरी भर सकती है।
li cसभी 4 जनरल इंश्योरेंस कंपनियां- न्यू इंडिया एश्योरेंस, नैशनल इंडिया, यूनाइटेड इंडिया और ओरियंटल इंडिया के अलावा नेशनल रीइंश्योरेंस कंपनी जीआईसी री ने सरकार को पब्लिक इश्यू लाने का प्रस्ताव भेजा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ ने डीआरएचपी फाइल किया है और अपने एक दशक से भी पुराने निवेश की वैल्यू का फायदा उठाने को तैयार है।