कलेक्टर ने थमाए अपने जूते गार्ड को

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रायपुर -बगैर चप्पल-जूते के उफनती नदी पार कर अपनी ड्यूटी पूरी करने पहुंचने वाली छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की कलेक्टर शम्मी आबिदी shamii विवादों के घेरे में आ गई हैं। गांववालों की समस्याएं सुलझाने के लिए बिना समय गंवाए उन तक पहुंचने के लिए शम्मी नंगे पांव नदी पार कर पहुंची थीं। लेकिन, सोशल मीडिया पर जो स्टोरी पॉजिटिव कारणों से वायरल हो रही थी, ट्विटर परआईऐएस ग्रुप ने उनकी तस्वीर शेयर की थी, जिसे खूब रीट्वीट्स मिले थे। अब उस तस्वीर का दूसरा पहलू अब सामने आया है। इस पहलू ने उन्हें मजाक का विषय बना दिया है।
सोशल मीडिया पर शेयर हो रही नई तस्वीरों के मुताबिक, उनका सिक्यॉरिटी गार्ड उनके जूते हाथ में उठाकर उनके पीछे चल रहा है।
इस बारे में जब शम्मी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं अपने जूते गाड़ी में ही छोड़ आई थी क्योंकि रास्ता फिसलन वाला था। मुझे नहीं मालूम कि गार्ड ने कब मेरे जूते हाथ में उठाए और मेरे पीछे हो लिया।’
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी ने कहा, ‘सोशल मीडिया के इस जमाने में इस तरह की स्थितियां विवाद का कारण बन सकती हैं। युवा अधिकारियों को सतर्क रहना चाहिए, हालांकि इसमें कुछ भी जान-बूझकर किया नहीं प्रतीत होता।’
कुछ समय पहलेएक और अफसर जगदीश सोनकर भी मरीज के बेड पर पैर रखने को लेकर चर्चा में आए थे, जिसके लिए सोशल मीडिया पर उनकी निंदा हुई थी। बाद में सोनकर ने अपने फेसबुक पेज के जरिए माफी मांगी थी।