कंहा गयी वो छाती और कंहा गया वो काला धन

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नई दिल्ली दो साल पूरे होने का जश्न मना रही मोदी सरकार पर कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को जोरदार हमला बोला। कांग्रेस के टॉप चार नेताओं कपिल सिब्बल, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सुरजेवाला ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन और शॉर्ट फिल्म के साथ अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, घरेलू मोर्चे मोदी सरकार की ‘नाकामियों’ को शायराना अंदाज में गिनाया। कांग्रेस ने कमजोर होते रुपये को लेकर मोदी पर यह कहकर कटाक्ष किया कि 56 इंच की छाती और 58 का रुपया अब कहां है।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘सरकार ने बैंड बाजे इश्तहार पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। मोदी स्तुति सरकार का चेहरा चरित्र बन गया है। भगवान और महीसा से मोदी की तुलना की जा रही है। लच्छेदार भाषण वाले भाषणवीर मोदी जी 24 महीने में करमवीर नहीं बन पाए।’
उन्होंने कहा, ‘देश का किसान दो साल से कभी सूखे तो कभी बेमौसमी बारिश से ग्रस्त है और आत्महत्या की ड्योढ़ी पर खड़ा है। देश की 40 फीसदी आबादी अकाल का प्रकोप झेल रही है। सुप्रीम कोर्ट मोदी सरकार को राजधर्म याद दिलाना पड़ रहा है।’
गुलाम नबी आजाद ने दो साल के सरकार को खोखले वायदों की सरकार बताया। उन्होंने कहा, ‘इस सरकार को चिल्लाना आता है लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं किया है। यह सरकार सिर्फ विज्ञापनों पर चल रही है। समाज में भय का माहौल है। आर्थिक मोर्चे पर सरकार विफल रही है। निर्यात गिर रहा है। कोर सेक्टर की ग्रोथ नगण्य रही है। रुपया फिसल रहा है और महंगाई बहुत तेज है।’
आजाद ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति केवल देश देखने के लिए है कि कितने देश होकर आ जाएं। यह समझ में नहीं आता है कि विदेश नीति कौन चला रहा है, प्रधानमंत्री, विदेश सचिव या विदेश मंत्री या राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार।
उन्होंने कहा, ‘इस सरकार की बड़ी उपलब्धियां सामाजिक तनाव पैदा करने की रही हैं। बीजेपी नेताओं द्वारा उकसाने की कार्रवाई, गैरजरूरी विवाद और भीड़ की हिंसा।’लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘या रब वो न समझे हैं न समझेंगे मेरी बात। दे और दिल उनको। जो ना दे मुझको जुबान और।’
कांग्रेस की तरफ से कपिल सिब्बल ने पार्टी के विरोध का मोर्चा संभालते हुए कहा, ‘मैं मोदी जी की सरकार से पूछना चाहता हूं कि यह जश्न क्यों मनाया जा रहा है। हर जश्न मनाने की वजह होती है। क्यां हिंदुस्तान में दूध की नदियां बह रही हैं। क्या वाराणसी स्वच्छ हो गया है। क्या दिल्ली और हिंदुस्तान में बलात्कार बंद हो गया है। क्या किसान को कॉस्ट प्लस 50 पर्सेंट प्रॉफिट मिल गया। क्या व्यापारी खुश हैं। क्या सरकारी मुलाजिम खुश है। क्या सरकार के मंत्री खुश हैं।’
मोदी के भाषणों पर भी कांग्रेस ने गहरा तंज कसा। सिब्बल ने कहा, ‘मोदी जी हर 45 घंटे पर भाषण देते हैं। लेकिन पिछले दो साल में उन्होंने एक भी जवाब नहीं दिया। नवाज शरीफ आ गए तो फौरन से खुश हो गए। हिंदुस्तान की फॉरेन पॉलिसी कभी खुशी कभी गम वाली हो गई है। जब ये विपक्ष में थे तो कहते थे कि रुपया वेंटिलेटर पर है। आज कहां है रुपया। 56 इंच की छाती 58 का रुपया। कहां गई वह छाती और कहां गया वह रुपया।’
सिब्बल ने कहा, ‘खुदा के बंदे संभल जा। वक्त है अब भी बदल जा।’ मनमोहन सिंह सरकार से मौजूदा सरकार की तुलना करते हुए सिब्बल बोले, ‘मनमोहन सिंह जब PM बने थो सेंसेक्स 8000 पर था और जब वे हटे सेंसेक्स 24000 था। हमारी सरकार ने 2009 में 12 लाख नौकरियां दी थीं और इस सरकार ने एक लाख लोगों को नौकरी दी है। मनमोहन सिंह बोलते नहीं थे लेकिन उनका काम बोलता है। मोदी बोलते बहुत हैं, इसलिए इनका काम नहीं बोलता।’ कांग्रेस के इस हमले का पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए नितिन गडकरी ने कहा, ‘कांग्रेस हर दिन अपनी प्रासंगिकता खो रही है। उनके पास परिपक्व नेतृत्व नहीं है। कांग्रेस का दर्शन यही है कि हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी ले डूबेंगे।’