कुछ नेताओं का कद छोटा करेंगे अमित शाह!

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नई दिल्ली – बीजेपी में यूपी-बिहार से आने वाले कई कद्दावर नेताओं के कद घटाये जा सकते हैं। खबर है कि पार्टी के अंदर निर्णय लेने की प्रक्रिया में दोनों राज्यों से आने वाले कई केंद्रीय मंत्रियों, उत्तराखंड, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम का रुतबा कम किया जा सकता है।
इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक बताया जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ‘ज्यादा जोगी, मठ उजाड़’ वाली कहावत के सच हो जाने की चिंता है। अमित शाह ने हर राज्य में पार्टी की कोर यूनिट को 13 सदस्यों तक सीमित करने की योजना बनाई है। इस नए बदलाव के तहत कोर टीम में शामिल होने वाले नेताओं के मानदंड को लेकर राष्ट्रीय महासचिव रामलाल सूचना जारी कर सकते हैं।
बीजेपी अध्यक्ष की इस नई कसौटी के मुताबिक राज्यों की कोर यूनिट में दो से ज्यादा पूर्व मुख्यमंत्रियों को शामिल नहीं किया जाएगा। इस लिहाजा उत्तराखंड पर गौर फरमाएं तो यहां 3 पूर्व सीएम हैं। बीसी खंडूरी, बीएस कोश्यारी, आरपी निशंक। इसके अलावा एक और नए दावेदार हैं विजय बहुगुणा, जो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
कर्नाटक में भी बीजेपी के तीन सीएम रहे हैं। बीएस येदियुरप्पा, सदानंद गौड़ा और जगदीश शेट्टीगर के अलावा दो पूर्व डेप्युटी सीएम भी पार्टी की राजनीति में हनक रखते हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश में पार्टी के चार सीएम हैं। कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा, उमा भारती और बाबूलाल गौड़।
शाह की दूसरी कसौटी केंद्रीय मंत्रियों को लेकर है। इसके मुताबिक किसी भी राज्य की कोर टीम में तीन से अधिक केंद्रीय मंत्री शामिल नहीं हो सकते हैं। इस आधार पर देखें तो फिलहाल केंद्रीय कैबिनेट में बिहार से पांच मंत्री हैं। राधामोहन सिंह, रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूडी, गिरिराज सिंह और आरके यादव।
उत्तर प्रदेश से तो केंद्रीय कैबिनेट में 12 नाम हैं। राजनाथ सिंह, कलराज मिश्रा, उमा भारती, मेनका गांधी, वीके सिंह, संतोष गंगवार, महेश शर्मा, मुख्तार अब्बास नकवी, संजीव बलियान, मनोज सिन्हा, राम शंकर कठेरिया और निरंजन ज्योति।
अमित शाह ने साफ कर दिया है कि बीजेपी के राष्ट्रीय पदों पर बैठे लोगों में से किसी कीमत पर 2-3 लोगों से अधिक राज्यों की कोर टीम में नहीं रहेंगे। नए बदलावों के लागू होते ही केंद्रीय नेतृत्व में सिरमौर बने नेताओं की हनक खुद के उनके राज्यों की कोर टीम में कम हो जाएगी।