शनि भगवान नहीं अनिष्टकारी गृह – स्वरूपानंद सरस्वती

0
1055

बनारस – स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर में महिलाओं के दर्शन की अनुमति का आंदोलन बहकावे से प्रेरित है। स्वरूपानंद सरस्वती ज्योतिष और द्वारिका शारदापीठ के पीठाधीश हैं। वह पांच दिनों के लिए वाराणसी आए हैं और इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बात कही।
उन्होंने कहा, ‘शनि कोई भगवान नहीं बल्कि एक अनिष्टकारी ग्रह है। शनि मनाने के देवता नहीं बल्कि भगाने का ग्रह है। शनि पूजन से महिलाओं को कोई लाभ नहीं होने वाला है। महिलाओं को शनि दर्शन की जिद का आंदोलन छोड़कर धार्मिक संस्कारों से जुड़ाव का कदम उठाना चाहिए।’
स्वरूपानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोहत्या को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी चुनाव के समय गोहत्या बंद कराने का नारा देते थे लेकिन कुर्सी मिलते ही वह गोहत्या पर रोक लगाने की जगह बूचड़खाने की आधुनिक मशीनों को सब्सिडी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदीराज में गोमांस का बढ़ता निर्यात इस बात का सबूत है कि गोहत्या को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वरूपानंद ने कहा कि गोरक्षा की जिम्मेदारी किसी एक धर्म की नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति की है।
अयोध्या में राममंदिर निर्माण के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा, ‘राममंदिर विश्व हिंदू परिषद नहीं बल्कि रामालय ट्रस्ट बनवाएगा। इसके लिए मोदी नहीं नरसिम्हा राव सरकार के समय से ही कोशिशें जारी हैं। सुप्रीम कोर्ट में रामालय ट्रस्ट की वकील रंजना अग्निहोत्री ने यह बात स्वीकार की है कि राम जन्म भूमि स्थान पर न मस्जिद थी और न कभी यहां बाबर आया था। छह दिसंबर की घटना के बाद मुस्लिमों के दिमाग में यह बैठ गया है बीजेपी वालों ने इसे गिराया तो वहां जरूर मस्जिद रहा होगा। रामालय ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट में तर्क व साक्ष्यों के हिसाब से मुस्लिमों के दिमाग में बैठे भ्रम को निकालने के प्रयास में लगा है।’
स्वरूपानंद ने कहा कि रामालय ट्रस्ट अयोध्या में बालक राम का मंदिर कंबोडिया की तर्ज पर बनवाएगा। उन्होंने स्वरूपानंद ने वीएचपी की ओर से भव्य राममंदिर निर्माण के प्रयास के दावों को जनता से धोखा करार दिया।