बेटे की चाहत में ठगे जा रहे हरियाणा के लोग

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चंडीगढ़ -नर्सिंग सहायक प्रवीण कुमार गर्भवती महिला की आंख पर पट्टी बांधकर उनके पेट पर थोड़ा जेल लगाता। इसके बाद अपना मोबाइल फोन हाथ में लेकर पेट से छूता और यह बता देता कि पेट के अंदर पल रहा बच्चा लड़का है या फिर लड़की। वहां मौजूद जिन लोगों को यह खबर दी जाती थी उनके पास प्रवीण से पूछने के लिए ना कोई सवाल होता था और ना ही कोई शंका। यह कह दिए जाने पर कि गर्भ में बच्ची पल रही है, लोग किसी ना किसी तरह से गर्भपात करा ही देते थे।बेटे के चाह हरियाणा में आमतौर पर एक बीमारी की तरह है। अपने लिंगानुपात के लिए बदनाम हरियाणा के बारे में मशहूर है कि यहां ज्यादातर लोगों को बच्चे के तौर पर केवल बेटा चाहिए होता है। यहां अधिकतर परिवारों में बेटी के जन्म की कोई जगह नहीं है।
ऐसे में प्रवीण के लिए लोगों को बेवकूफ बनाना आसान होता है। इस तरह अपने मोबाइल के माध्यम से प्रवीण ने कई अल्ट्रासाउंड किए। एक होटेल में वह ना जाने और कब तक इस ‘अल्ट्रासाउंड’ को अंजाम देता रहता, लेकिन पुलिस ने जुलाई ने उसे गिरफ्तार कर लिया।  अधिकारी बताते हैं कि यह वाकया बहुत बड़े जाल का एक छोटा हिस्सा है। कई ऐसे मामले आए हैं जिसमें डॉक्टर से लेकर नीमहकीम तक ने बेटे की चाह में पागल अभिभावकों को पेट में पल रहे बच्चे के लिंग की जन्म से पहले जांच के अलग-अलग तरीके बताए। कई ऐसे मामले भी हैं जहां अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर गैरकानूनी तरीके से गर्भपात किया और कराया जाता था।
2011 की जनगणना में लिंगानुपात के मामले में हरियाणा की हालत पूरे भारत में सबसे खराब थी। 0-6 साल के समूह में 1,000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या केवल 834 पाई गई। वहीं, राज्य में औसत लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 879 महिलाओं का पाया गया। राष्ट्रीय औसत 1,000 पुरुषों पर 943 महिलाओं का है।
प्रवीण ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को बताया कि वह पहले एक निजी अस्पताल में काम करता था और वहां लिंग की जांच की जाती थी। प्रवीण को गिरफ्तार करने वाले हिसार पुलिस के अधिकारी ने बताया, ‘उस अस्पताल में पुलिस के छापे के डर से 2 महीने पहले लिंग जांचने का गैरकानूनी काम बंद कर दिया गया। इसके बावजूद जब लोग गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच कराने के लिए अस्पताल आते रहे तो प्रवीण ने तय किया कि वह इसका फायदा उठाकर पैसे कमाएगा।’
प्रवीण हिसार जिले के सामैन गांव का रहने वाला है। उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसने 8-9 महिलाओं का नकली अल्ट्रासाउंड किया और हर एक से 5,000 से 6,000 रुपये वसूले। प्रवीण ने पुलिस को बताया, ‘मैं आपको यह भी बता सकता हूं कि इन महिलाओं का गर्भपात कहां कराया गया।’
प्रवीण और उसके जैसे कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी से जिस जमीनी हालत का पता चलता है वह काफी डरावना है। हरियाणा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के संयोजक जी.एल. सिंगल कहते हैं, ‘कुछ मामलों में तो नीमहकीम महिलाओं को गर्भ में लड़का होते हुए भी यह बताते हुए पाए गए कि लड़की है। यह केवल पैसा कमाने के लालच में किया गया। ऐसा ही एक मामला अदालत में है। बेटे के जन्म की चाह में पागल परिवार को अगर कोई यह बता दे कि गर्भ में बच्ची पल रही है, तो वे गर्भपात करा देते हैं।’इसी साल 5 सितंबर को अधिकारियों ने दादारी (भिवानी) में एक गिरोह का पर्दाफाश किया। यह गिरोह एक कार के अंदर अल्ट्रासाउंड जांच किया करता था। पुलिस को उनके पास से टीवी जितनी बड़ी एक अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद हुई। पुलिस ने मोनिका नाम की एक महिला को ग्राहक बनाकर इस गिरोह के पास भेजा था।
पुलिस ने बताया कि उस गिरोह की एक महिला सदस्य मोनिका को कार में बैठाकर कुछ दूर ले गई। बाद में एक दुपहिया पर बैठकर अनिल कुमार नाम का एक व्यक्ति मोनिका को कार में ले गया। उस कार में अल्ट्रासाउंड जांच की जाती थी और इसके बदले 15,000 रुपये लिए जाते थे। इस कार्रवाई में शामिल रही मोनिका ने पुलिस को बताया, ‘उन्होंने मुझसे गर्भपात के लिए और ज्यादा पैसे देने को कहा।’
पुलिस ने इस गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। महिला का काम गिरोह के पास ग्राहक लेकर आना था। पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसमें कहा गया है कि यह गिरोह महिलाओं को यह कहकर कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का नहीं है, गर्भपात के लिए उकसाता था।
हरियाणा पुलिस ने जुलाई में एक अन्य गिरोह को भी हिरासत में लिया था। इस गिरोह में पंजाब के अंबाला और हरियाणा के आसपास के इलाकों से ग्राहक लाए जाते थे। इस मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया। ऐसे ही, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भी ऐसा ही एक गिरोह सक्रिय था। पिछले 5 साल के दौरान ही पुलिस ने ऐसे मामलों में 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। जुलाई में इंडियन नैशनल लोकदल के एक पूर्व विधायक डॉक्टर अशोक कश्यप को प्रसव से पूर्व लिंग जांच कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।