मोदी के जवाब में 10 लाख लोग जुटाने वाले अलगाववादी नेता हिरासत में

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श्रीनगर -घाटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रैली के दिन ही 7 नवंबर को तय अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की रैली के मद्देनजर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कई नेताओं को कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया है।
दरअसल, हुर्रियत एक नरम गुट नेता मीरवाइज उमर फारूख के गुट ने रविवार को गिलानी की रैली का समर्थन दे दिया। मीरवाइज के गुट के प्रवक्ता ने कहा, ‘हुर्रियत गिलानी की रैली का पूरा समर्थन करती है, जो कि पीएम की रैली के समानांतर ही होने वाला है।’
कुछ हुर्रियत समर्थकों ने दावा किया कि इसके पहले ही पुलिस ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक, डेमोक्रैटिक फ्रीडम पार्टी के चीफ शब्बीर अहमद शाह और कुछ अन्य हुर्रियत नेताओंक को शनिवार रात से हिरासत में ले लिया था। उसके बाद इन नेताओं पर फिर से रविवार सुबह पहरा लगा दिया गया।
जेकेएलएफ के प्रवक्ता ने बताया, ‘मलिक के साथ तीन अन्य जेकेएलएफ नेताओं को शनिवार शाम हिरासत में लेकर कोठीबाग पुलिस स्टेशन ले जाया गया था।’ पुलिस के एक प्रवक्ता ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया।खबरों के मुताबकि, नजरबंद चल रहे को भी रविवार सुबह राजाबाग पुलिस स्टेशन भेज दिया गया। इसके अलावा, पुलिस गिलानी के सहायक मोहम्मद अबुल्लाह तारी की तलाश में जुटी रही। गिलानी ने रैली को ‘मिलियन मेन मार्च’ का नाम दिया और घाटी के लाखों लोगों से इसमें शामिल होने को कहा है। उन्होंने लोगों से टूरिस्ट रिसेप्शन ग्राउंड पर जमा होने की अपील की है, जबकि उसी दिन पीएम मोदी भी शेर-ए-क्रिकेट स्टेडियम में एक पब्लिक रैली को संबोधित करने वाले हैं।