मोदी की कोशिशें रंग लाई यूएई ने कसा दाऊद पर शिकंजा

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दुबई – संयुक्त अरब अमिरात (यूएई) भारत की ओर से दिए गए दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की संपत्ति और करोड़ों के गैरकानूनी लेन देन की जांच कर रहा है।उल्लेखनीय है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हाल की यूएई यात्रा के दौरान दाऊद की दुबई समेत यूएई के कई ठिकानों की ठोस जानकारी दी गई है। इनमें दाऊद की आवाज के नमूनों के साथ उसकी तीन रियल स्टेट के जुड़ी कंपनियां और मनी एक्सचेंड फर्म के दस्तावेजी सबूत दिए गए हैं।
दैनिक अमर उजाला में छापी खबर के मुताबिक इस कदम के पीछे नरेंद्र मोदी से साथ गए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की कोशिशें रंग ला सकती है।डोभाल ने ऐसा इंतजाम किया कि इन सबूतों के बारे में यूएई के शेख राशिद को सीधी जानकारी हो। सूत्रों ने बताया कि शेख राशिद ने अपने तंत्र भी इस काम में लगा दिए हैं। इस कदम का मकसद दाऊद के पैसे के स्रोत पर अंकुश लगाना है।दाऊद पर पाकिस्तान के लगातार इनकार के मद्देनजर अन्य देशों में उसकी गतिविधियों पर चोट करने की नई रणनीति के तहत यह काम किया जा रहा है। इन दस्तावेजों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की यूएई में दाऊद की मनी लाउंड्रिंग की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी है।ईडी ने अपनी जांच में पाया है कि दाऊद के ड्रग, बेटिंग और अन्य गैरकानूनी पैसों का अंतिम भुगतान और उसका हिसाब किताब दाऊद की मनी एक्सचेंज फर्म का जरिए होता है। यूएई को यह सबूत भी दिए गए हैं कि दाऊद के दुनिया के किसी कोने में चल रहे धंधे का आखिरी लेनदेन दुबई के जरिए ही होता है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय एजेंसियों ने दुबई के जावेद नाम के पाकिस्तानी व्यवसायी की दाऊद के साथ बातचीत हाल ही में इंटरसेप्ट किया है। इस बातचीत में दाउद मुंबई और अन्य शहरों के कई व्यवसायियों के नाम ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक डोभाल इस बात को गंभीरता से ले रहे हैं कि भारतीय व्यवसायी खाड़ी के देशों में अपने धंधे के लिए दाऊद की मदद ले रहे हैं।सूत्रों ने बताया कि मोदी की यूएई यात्रा की तैयारी के दौरान ही डोभाल ने दाऊद के आतंकी संपर्क के बारे में बातचीत की थी।वहां की अफसरशाही को दाऊद की वित्तीय गतिविधियों के बारें में पहले ही विस्तार से बता दिया गया था। इसी क्रम में दाऊद की पत्नी मेहजबीन के करांची और दुबई के बीच की यात्रा से संबंधित दस्तावेज भी दिए गए हैं। मेहजबीन का दुबई के गार्मेंट और जेवरात की कंपनियों में भारी शेयर है।