ड़ीजी बंजारा ने जुबान खोली -गुजरात सरकार मेरे खिलाफ

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अहमदाबाद -रिटायर्ड आईपीएस ऑफिसर डीजी वंजारा ने आईपीएस ऑफिसर्स के प्रमोशन और उन्हें फिर से बहाल किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं । उन्होंने इस बारे में एडिशनल चीफ सेक्रटरी (होम) जीआर अलोरिया को चिट्ठी लिखी है।वंजारा तीन फर्जी मुठभेड़ों (इशरत जहां, तुलसीराम प्रजापति और सोहराबुद्दीन) मामले में जेल गए थे। उन्होंने आठ साल जेल में बिताए और फरवरी 2015 में जेल से बाहर आए। इस समय वह मुंबई में रह रहे हैं।
वंजारा ने चिट्ठी में आरोप लगाया है कि जिन ऑफिसर्स पर फर्जी मुठभेड़ के आरोप लगे थे और जो जमानत पर रिहा किए गए हैं, उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने खुद के लिए और बाकी ऑफिसर्स के लिए (जिनसे भेदभाव हुआ है) प्रमोशन की मांग भी की है।
उनका आरोप है कि गुजरात सरकार अपनी सुविधा के मुताबिक ऑफिसरों का चुनाव कर रही है। वे उन्हीं अधिकारियों को रखा चाहती है जो उसे सूट करते हैं। वंजारा का आरोप है कि गुजरात सरकार उनके खिलाफ राजनीतिक षडयंत्र रच रही है। वंजारा के मुताबिक,’नेता स्वार्थ को देशहितों से ज्यादा तरजीह देते हैं। पुलिसवालों को कीडे़-मकोड़ो, मच्छरों और मक्खियां समझते हैं।’
डीजी वंजारा ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार गीता जौहरी जैसे ऑफिसर्स को प्रमोट कर रही है जबकि उनसे सीनियर ऑफिसर पीपी पांडेय को सस्पेंड कर रही है। आठ साल जेल में बिताने के बाद वंजारा को फरवरी 2015 में जमानत पर रिहा किया गया है।
इससे पहले उन्होंने साल 2013 में साबरमती जेल से चिट्ठी लिखी थी। इस 10 पन्नों की चिट्ठी में भी उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर हमला बोला था। वंजारा ने लिखा था,’मैं मोदी को भगवान की तरह पूजता था लेकिन मुझे खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि मेरा भगवान मौके पर खड़ा नहीं हो पाया क्योंकि अमित शाह की कुप्रभाव ने उसकी आंखें और कान बंद कर दिए थे।’
इस बारे में जब अलोरिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा,’मुझे ऐसी किसी चिट्ठी की जानकरी नहीं है लेकिन हां, हमें प्रमोशन के लिए चिट्ठियां मिलती रहती हैं। हमें कोई भी किसी भी बारे में चिट्ठी लिख सकता है, हम उसके बारे में कानूनी तौर पर कार्रवाई करेंगे।’